विदिशा में श्रीमद् जिन तारणतरण मंडलाचार्य महाराज की 577वीं जयंती के अवसर पर सकल तारण समाज द्वारा तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को चैत्यालय से जिनवाणी पालकी शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा अध्यात्मरत्न बा.ब्र. श्री बसन्त जी महाराज एवं साधक संघ के सानिध्य में प्रारंभ हुई। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण चांदी की पालकी रही, जिसमें आचार्य तारण स्वामी द्वारा रचित 14 महत्वपूर्ण ग्रंथ विराजमान थे। श्रद्धालु धर्म ध्वजाएं लेकर चल रहे थे, वहीं छोटी बच्चियां भक्ति गीतों पर नृत्य कर रही थीं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी यात्रा में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। शहर के मुख्य मार्गों से निकली शोभायात्रा
नगर के विभिन्न स्थानों पर जैन समाज के लोगों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। यात्रा के दौरान पालकी में विराजमान जिनवाणी और तारण स्वामी के 14 ग्रंथों की पूजा-अर्चना और आरती की गई। यह शोभायात्रा गल्ला मंडी, लड्डा एजेंसी मार्ग होते हुए खरीफाटक स्थित चैत्यालय पहुंची, जहां से आगे तारण भवन के लिए रवाना हुई। डॉ. ऋषभ जैन ने बताया कि तारण जयंती महोत्सव के तहत खरीफाटक चैत्यालय में चौदह ग्रंथाधिराज पाठ का समापन हो गया है। जिनवाणी पालकी शोभायात्रा अरिहंत विहार स्थित ता.त.दि. जैन स्वाध्याय मंदिर से पुनः प्रारंभ होकर तारण भवन पहुंचेगी। यहां तारण भवन का लोकार्पण, मंदिर विधि, तिलक महोत्सव और उसके बाद पात्र भावना का आयोजन किया जाएगा।


