विदिशा जिले को कृषि विभाग ने यूरिया वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इस परियोजना के तहत किसानों को भूमि के रकबे के आधार पर टोकन प्रणाली से यूरिया दिया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में यूरिया की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। दोनों वाहनों में मिला अवैध यूरिया
लटेरी में देर रात गुना जिले के मकसूदानगढ़ से 160 बोरी यूरिया दो पिकअप वाहनों में लाते हुए पकड़ा गया। कृषि विभाग के अधिकारी रितेश परमार को मुखबिर से मिली सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई। दोनों वाहनों को रोककर जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में यूरिया मिला। वाहन चालकों से यूरिया से संबंधित वैध सरकारी दस्तावेज मांगे जाने पर वे कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों पिकअप वाहनों को लटेरी थाने में जब्त कर खड़ा किया गया। मामले की जानकारी एसडीएम नितिन जैन को दी गई है, जिनके निर्देश पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेजों के यूरिया का परिवहन या भंडारण सरकारी नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में जब्त माल के साथ-साथ संबंधित वाहन को भी राजसात किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, वाहन चालक और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन ने कहा है कि किसानों के लिए निर्धारित यूरिया की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


