पाली के ओम आश्रम जाडन के महामंडलेश्वर संत महेश्वरानंद की विदेशी सेविका ने मामला दर्ज करवाया है। निजी सहायिका उमापुरी ने संत महेश्वरानंद की जान को खतरा बताया है। पाली के समाजसेवी नेमीचंद चौपड़ा और आश्रम के ही संत फूलपुरी पर फर्जी तरीके से आश्रम के दस्तावेज पर अंगूठा लगवाने का आरोप लगाया है। उमापुरी ने शहर के कोतवाली थाने में 13 जनवरी को नेमीचंद चौपड़ा और संत फूलपुरी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में बताया कि संत महेश्वरानंद बीमार हैं, वे कई धर्मार्थ ट्रस्टों के संरक्षक हैं। रिपोर्ट में बताया कि दोनों आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर संत महेश्वरानंद को खाने पर बुलाकर आश्रम की संपत्तियों के डॉक्यूमेंट पर अंगूठा लगवाया है। वहीं, इस मामले में समाजसेवी नेमीचंद चौपड़ा का कहना है कि आरोप निराधार हैं, जांच में स्थिति साफ हो जाएगी। जाडन आश्रम के संत फूलपुरी का कहना है- एडवोकेट जरूरी काम से आए थे। कुछ दस्तावेज पर संत महेश्वरानंद के साइन करवा कहीं भेजने थे। विदेशी भक्त उमापुरी ने विरोध किया तो साइन रुकवा दिए थे। 12 जनवरी को खाने पर बुलाया, जबरदस्ती बाहर भेजा
कोतवाली थाने के एसएचओ जसवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि ऑस्ट्रिया हाल जाडन ओम आश्रम निवासी उमापुरी ने रिपोर्ट में बताया कि 12 जनवरी 2026 को आश्रम के स्वामी फूलपुरी ने षड्यंत्र के तहत स्वामी महेश्वरानंद को लंच के लिए शहर के मानपुरा भाकरी स्थित नेमीचंद चौपड़ा के घर ले गए थे। सभी लोग चौपड़ा के घर पर रिसेप्शन पर बैठे थे और फिर डायनिंग एरिया में खाना खाने के लिए गए। उमापुरी ने बताया कि वे और संत के मुख्य सहायक जोल्टन ओलाह भी उनके साथ थे। लंच के दौरान चौपड़ा और फूलपुरी ने दोनों को बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। आखिर में जब वे उनके वहां रुकने का विरोध करने लगे तो बाहर निकल गए। संत के अंगूठे पर स्याही लगी थी, वीडियो बनाने का दावा
रिपोर्ट में बताया कि वे दोनों (निजी सहायिका और मुख्य सहायक) लॉबी में खड़े हो गए। वहां लगे एक कांच से डायनिंग एरिया में जो चल रहा था उसे देख रहे थे। इसी दौरान एक महिला आई। शक है कि वह वकील हो थी। उस महिला को संत महेश्वरानंद के पास ले जाया गया। जब पता चला कि हम कांच से देख रहे हैं तो कुछ लोग कांच के आगे आकर खड़े हो गए और हमें दिखना बंद हो गया। जब हमें शक हुआ तो तुरंत अंदर गए। जहां देखा कि स्वामी महेश्वरानंद के अंगूठे पर नीली स्याही लगी थी। नेमीचंद चौपड़ा उसे साफ करने में लगे हुए थे ताकि सबूत छिपा सके। इस बीच वहां मौजूद अज्ञात महिला ने कुछ डॉक्यूमेंट बैग में छिपाए और वहां से निकल गई। जब उनसे पूछा गया कि स्वामी जी के अंगूठे के निशान किन डॉक्यूमेंट पर लिए है तो वे टालमटोल करने में लगे। उमा पुरी ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया है। स्वामी महेश्वरानंद और स्वामी अवतार पुरी के जीवन को खतरा
रिपोर्ट में उमापुरी ने आरोप लगाया कि एक मौन आध्यात्मिक गुरु के अंगूठे के निशान अनुचित प्रभाव और धमकी देकर उन्हें दस्तावेज पढ़कर सुनाए या समझाए बिना जबरन लिए हैं। शक है कि इन दस्तावेज का उद्देश्य स्वामी महेश्वरानंद के ट्रस्टों, धन और प्रॉपर्टी पर अवैध रूप से कब्जा करना है। हमें डर है कि यह एक गहरा षड्यंत्र है, जिससे स्वामी फूल पुरी और नेमीचंद चोपड़ा द्वारा परमहंस स्वामी महेश्वरानंद की शारीरिक सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। साथ ही, हमें डर है कि यह खतरा उनके उत्तराधिकारी स्वामी अवतार पुरी के लिए भी हो सकता है। रिपोर्ट में बताया कि स्वामी महेश्वरानंद जो वर्तमान में मानिसक और शारीरिक रूप से कुछ अक्षम है। उनके साथ षड्यंत्र कर जिस तरह से अंगूठे के निशान दस्तावेज पर लिए गए है। उनका दुरुपयोग होने से पहले उन्हें बरामद करे। इसके साथ ही उन्होंने नेमीचंद चौपड़ा के घर के सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित कब्जे में लेवे। ये खबर भी पढ़ें… विश्व का एकमात्र ओम् आकार का शिव मंदिर:बकरी चराने से संत बने ‘विश्वगुरु’ को आया आइडिया; प्राण-प्रतिष्ठा में सीएम भी पहुंचे राम मंदिर के बाद देश के एक और भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुई। ओम् आकार में दुनिया के एक मात्र शिव मंदिर का निर्माण पाली के जाडन स्थित ओम् आश्रम में किया गया है। मंदिर इतना भव्य कि इसे बनने में 28 साल लग गए। इसका श्रेय जाता है विश्वदीप गुरुकुल के महामंडलेश्वर महेश्वरानंद महाराज को। ()


