भास्कर न्यूज | रामानुजनगर शासकीय प्राथमिक शाला उरांवपारा मदनेश्वरपुर में शुक्रवार को प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दूसरे एपिसोड का दूरदर्शन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बच्चों को परीक्षा के तनाव से दूर रहने, पूरी नींद लेने और सकारात्मक सोच बनाए रखने प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा बच्चे परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि एक पड़ाव की तरह देखें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा देकर जब वे परीक्षा कक्ष से बाहर निकलते हैं तो उन्हें जो हल्कापन और सहजता महसूस होती है, उसी भावना को परीक्षा से पहले भी अपनाएं। इससे तनाव स्वतः दूर होगा। उन्होंने आदिवासी बच्चों की प्रतिभा की सराहना कर कहा कि वे शिक्षा, कला और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश की आदिवासी महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ का उदाहरण देते हुए बच्चों को अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखने प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को परीक्षा के भय और मानसिक तनाव से मुक्त कर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान प्रधान पाठक संजय साहू ने बच्चों से संवाद कर कहा अधिक तनाव की स्थिति में याद किए गए प्रश्न भी भूल जाने की संभावना रहती है, इसलिए शांत मन से पढ़ाई करना जरूरी है। उन्होंने अनुशासन और समय पाबंदी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नियमित अभ्यास और उत्तर लिख-लिखकर अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को बीच-बीच में कठिन बातों को सरल भाषा में समझाया। इस दौरान विद्यालय में प्रधान पाठक संजय साहू, शिक्षक रामकृपाल साहू व शिक्षिका एनिमा बेक उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के बाद बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। शिक्षकों ने परीक्षा पे चर्चा को बच्चों के लिए उपयोगी और सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का विकास होता है।


