जयपुर | राजस्थान राज्य संस्कृत शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, महापुरा में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृतसंभाषण दक्ष प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आयुक्त संस्कृत शिक्षा सुश्री प्रियंका जोधावत ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत, संस्कृति, संस्कार और शिक्षा आपस में जुड़े हैं और शिक्षक का प्रथम दायित्व विद्यालय में संस्कृतमय वातावरण बनाना है। कार्यक्रम में 40 दक्ष प्रशिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. वाई.एस. रमेश, डॉ. तगसिंह राजपुरोहित और श्री हुलास चंद्र ने शिक्षकों को संस्कृत संभाषण और नवाचार हेतु प्रेरित किया। डॉ. शिवचरण शर्मा और डॉ. दुर्गा प्रसाद शर्मा भी उपस्थित रहे।


