निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आज सोमवार को विधानसभा के निंबाहेड़ा और छोड़सादड़ी पंचायत समिति में विकास कामों को किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में अभी भी विकास काम किए जाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने छोटीसादड़ी पंचायत समिति के गांव पीलीखेड़ा का मामादेव, कटेड में आज के समय में भी बिजली नहीं होने की बात प्रमुखता से रखी। जिसके बदले में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजने की बात कही और कहा कि जिन गांवों में बिजली नहीं है, उन्हें जल्दी ही कुसुम योजना से जोड़ा जाएगा। निंबाहेड़ा के सिर्फ एक ही गांव को योजना में जोड़ा निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी ने अपने विधानसभा के पंचायत समिति निंबाहेड़ा और छोटी सादड़ी में हो रहे विकास कामों का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री से टाडा-माडा योजना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों का विवरण मांगा। इस पर जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने जवाब देते हुए कहा कि पंचायत समिति निंबाहेड़ा में बिखरी जनजाति योजना में एक ही गांव को लिया गया है। जबकि पंचायत समिति छोटी सादड़ी के सभी गांव अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत ही शामिल है। मंत्री खराड़ी बोले – कांग्रेस के मंत्री विधायक थे, लेकिन नहीं किया विकास का काम विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि बिखरी जनजाति योजना में निंबाहेड़ा पंचायत समिति के 163 राजस्व गांव जुड़े हुए हैं लेकिन पिछले 4 सालों में सिर्फ एक ही गांव सरसी में ही इस योजना के अंतर्गत विकास का काम किया गया है। जबकि अन्य गांव भी अभावग्रस्त है और वहां पर विकास काम किया जा सकता है। इस पर मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि निंबाहेड़ा विधानसभा में पिछले 4 सालों में 652 लाख के 65 कार्यों को वित्तीय स्वीकृति मिली है। जबकि कांग्रेस के मंत्री उस क्षेत्र के विधायक थे, उसके बावजूद भी काम नहीं किया। उन्होंने बताया कि 53 काम पूरे हो चुके हैं, जो 9 काम किए जा रहे है और 3 कामों के टेंडर पाइप लाइन में है। अभी तक इन कामों पर 597.60 लाख रुपए लग चुके है। जबकि हमारी सरकार के आने के बाद एक साल में ही निंबाहेड़ा में 22 कामों के लिए 456 लाख रुपयों की स्वीकृति के लिए वित्तीय विभाग को पत्रावली भेजी जा चुकी है। वित्तीय विभाग से राशि मिलते ही स्वीकृति जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा 1 करोड़ 85 लाख के 10 काम विचाराधीन है। आजादी के बाद से ही नहीं पहुंची बिजली श्रीचंद कृपलानी ने बताया कि टाडा माडा योजना में आने वाले छोटी सादड़ी पंचायत समिति के कुछ गांव जैसे पीलीखेड़ा का मामा देव, कटेड गांवों में आज भी बिजली नहीं पहुंची। आजादी के बाद से अब तक कुछ गांव अंधेरे में ही रहने को मजबूर है। अंधेरे में ही अपना जीवन यापन करते हैं। ऐसे में सरकार को इन गांवों को चयनित करते हुए बिजली उपलब्ध करवाना चाहिए। इसके जवाब में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि बिजली देने का काम बिजली विभाग करता है। अगर आपके क्षेत्र में बिजली के डिमांड है तो इसका प्रस्ताव भेजें। हम जल्दी ही कुसुम ए, बी और सी योजना में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर गांव तक बिजली को पहुंचाएंगे।


