2023 के चुनावों में चुने गए विधायकों के कार्यकाल का एक साल पूरा हो चुका है। 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र भी शुरू हो चुका है। सागर से देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया का पिछले सत्रों में एक भी सवाल नहीं रहा। वहीं पहली बार विधायक बनने के बाद विधानसभा पहुंचीं बीना विधायक निर्मला सप्रे ने फरवरी में विधानसभा के सत्र में रेत खदान, आंगनबाड़ी केंद्र न होने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। मई में उन्होंने राहतगढ़ में मुख्यमंत्री की सभा में भाजपा का गमछा पहना। इसके बाद से वे मौन हैं। जुलाई में विधानसभा के सत्र में वे न विधानसभा पहुंचीं न ही उन्होंने कोई सवाल उठाया। इसी तरह पहली बार बंडा से विधायक बने वीरेंद्र सिंह लोधी ने बंडा नगर परिषद में मुख्यमंत्री अधोसंरचना के कामों की जांच व भुगतान रोकने पर विधानसभा में सवाल उठाए थे। हालांकि इस प्रश्न के उत्तर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जांच व ठेकेदार का भुगतान रोकने को सही बताया था और कहा था कि कार्यवाही नियम संगत है। 4 जुलाई को हालांकि मुद्दा सामने आने के बाद विधायक ने कहा था यह जनहित का मुद्दा है इसलिए उठाया। नगर के लोग परेशान हैं। नालियां नहीं बनी हैं। नगर के बाहर पानी एकत्रित हो रहा है। वहां किसानों की फसल खराब हो रही है इसलिए यह मुद्दा उठाया था। ठेकेदार का भुगतान रोकने पर सवाल नहीं लगाया। विधायक लोधी इसके अलावा ऑडिटोरियम, महाविद्यालय, खाद, स्कूल शिक्षा, खाली पदों, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा आदि के सवाल उठा चुके हैं। जैन ने कॉलेज, हवाई अड्डा के सवाल उठाए सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने जुलाई के सत्र में 29 सवाल लगाए थे। इसमें ग्लोबल स्किल पार्क, फर्नीचर क्लस्टर, बीएमसी में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, राजकीय विवि की स्थापना के संबंध में, आयुष महाविद्यालय की स्थापना, फायर ब्रिगेड, आरओबी, खेल परिसर आदि से जुड़े सवालों के जवाब उन्होंने पूछे थे। जबकि फरवरी माह में प्रधानमंत्री आवास योजना, आरओबी, बीएमसी आदि से जुड़े 19 सवाल उन्होंने पूछे थे। लारिया ने उद्योग, सीएम राइज का मुद्दा उठाया नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी सत्र में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा सागर में उद्योगों की स्थापना की स्वीकृति, अनुबंध में क्षेत्रीय निवासियों को रोजगार का प्रावधान, सिदगुवां में 2021 से 24 के बीच पत्थर-मुरम के लिए अनुमति देने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के प्रकरण शासन स्तर पर लंबित होने का मामला उठाया। इसके अलावा संत रविदास स्मारक, सीएम राइज स्कूल निर्माण, स्कूल भवन निर्माण से जुड़े सवाल भी लगाए। भार्गव लगा रहे सवाल तो भूपेंद्र ला रहे ध्यानाकर्षण दो दशक तक प्रदेश सरकार में मंत्री रहे रहली विधायक गोपाल भार्गव भी हर सत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने रहली में उद्यानिकी महाविद्यालय में डिप्लोमा, प्रवेश-प्रक्रिया, लैब स्वीकृति, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आदि से जुड़े सवाल उठाए। पूर्व मंत्री और खुरई से विधायक भूपेंद्र सिंह ध्यानाकर्षण के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने मालथौन में सरकारी जमीन पर निजी स्कूल संचालित होने और परिवहन चौकी का मामला उठाया है। राजपूत मंत्री इसलिए नहीं पूछ सकते सवाल


