िवधानसभा के छठे िदन सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधायक अरूप चटर्जी और मथुरा प्रसाद महतो ने धनबाद में एयरपोर्ट का मामला उठाया। इस सवाल के जवाब में झारखंड सरकार में मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की संभावनाओं को लेकर सरकार उपायुक्त(डीसी) से रिपोर्ट मांगेगी और एयरपोर्ट अथॉरिटी से पत्राचार करेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि धनबाद में फिलहाल एक हवाई पट्टी मौजूद है, लेकिन वह सीमित क्षेत्रफल में फैली है। वर्तमान हवाई पट्टी केवल 37 एकड़ में है, जिसके कारण बड़े विमानों का संचालन संभव नहीं है। एक आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कम से कम 113 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। वहीं कैटेगरी-टू एयरपोर्ट के लिए भी 37 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है। मंत्री ने कहा कि धनबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में इतनी जमीन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बोकारो में एयरपोर्ट निर्माण कार्य चल रहा है, जो धनबाद से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे क्षेत्र की जरूरत पूरी हो सकती है। इस पर विधायक अरूप चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में 113 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि आईएफसी के पास लगभग चार हजार एकड़ जमीन है, जिसमें से कुछ हिस्सा लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आईएफसी ने सेल को 300 एकड़ जमीन दी है। उनके अनुसार एयरपोर्ट का निर्माण तोपचांची में किया जा सकता है, जहां करीब 800 एकड़ जमीन खाली है। वहीं विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि बलियापुर में 100 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने आश्वस्त किया कि उपायुक्त से जमीन की उपलब्धता पर विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी और एयरपोर्ट अथॉरिटी से भी औपचारिक पत्राचार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


