ग्रामीण बोले – मिलनसार व हंसमुख लड़का था धुव्र सामाजिक सेवा में लगे शैली फाउंडेशन के सदस्य आनंद अग्रवाल और सत्या प्रसाद ने संस्था सदस्य रहे ध्रुव के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। गांव के लोगों ने कहा कि ध्रुव बहुत ही मिलनसार और हंसमुख लड़का था। हादसे में इस तरह उसका चला जाना परिवार के लिए संकट की घड़ी है। शैली फाउंडेशन के संयोजक ने बताया कि ध्रुव जरूरतमंदों की मदद में आगे रहता था। भास्कर न्यूज | सिमडेगा/चतरा एयर एंबुलेंस हादसे में मृत 17 वर्षीय ध्रुव कुमार का अंतिम संस्कार पैतृक गांव तैसेरा में किया गया। बुधवार को करीब 11 बजे दिवंगत ध्रुव कुमार के पिता दिनेश प्रसाद ने मुखाग्नि दी। कम उम्र के इकलौते बेटे की अर्थी लेकर जा रहे पिता को देख लोग पसीज गए। सिमडेगा शहर से करीब 30 किमी दूर स्थित तैसेरा गांव में काफी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में पहुंचे। ध्रुव सामाजिक कार्यकर्ता और सोशल मीडिया में काफी एक्टिव किशोर था इसलिए शहर से भी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोतीलाल अग्रवाल के मुक्तिधाम घाट पर पहुंचते ही मृतक के पिता उनसे लिपट कर फूट फूट कर रोने लगे। लोगों ने मुश्किल से उन्हें संभाला। ध्रुव उनका इकलौता बेटा था । वे दो रात से लगातार बेटे के वियोग में बिलख रहे थे। घर में सभी का रो रो कर बुरा हाल है। जवाहर नवोदय विधालय कोलेबिरा के दो शिक्षक भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। ध्रुव इसी स्कूल का स्टूडेंट था लेकिन अपनी बहन के इलाज के लिए लंबी अनुपस्थिति के चलते उसकी पढ़ाई छूट चुकी थी।


