इंदरगढ़ में अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन की जेसीबी कार्रवाई पर बुधवार को विवाद हो गया। बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कई गरीब दुकानदारों की गुमटियां तोड़ी गईं, लेकिन विधायक की दुकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज लोगों ने मौके पर विरोध शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सरल को घेर लिया। इसके बाद एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे, जहां लोगों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। लोगों ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। विरोध बढ़ने पर प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई जारी रखने की धौंस दी, हालांकि बीच-बचाव के बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की किरकिरी अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रशासन को आलोचना का सामना करना पड़ा। शाम होते-होते प्रशासनिक अमला दोबारा मौके पर पहुंचा और विधायक की दुकान के चबूतरे को तोड़कर कार्रवाई पूरी की। इसके बाद टीम वापस लौट गई। दुकानदारों ने बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया इस कार्रवाई की शुरुआत बुधवार सुबह हुई थी। कई दुकानदारों ने पहले ही अपने टीनशेड हटा लिए थे। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले तीन महीने से प्रशासन से नोटिस की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई नोटिस नहीं दिया गया। बिना सूचना के अचानक जेसीबी चलाने से वे नाराज थे। एसडीएम बोले- ग्वालियर से भांडेर तिराहे तक ही कार्रवाई दुकानदारों ने बताया कि पहले संयुक्त कलेक्टर से बहस हुई, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बाद में एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि कार्रवाई केवल ग्वालियर तिराहे से भांडेर तिराहे तक की जा रही है। इसी सीमा के पास विधायक प्रदीप अग्रवाल की सर्राफा दुकान स्थित है। चुनिंदा कार्रवाई का आरोप, शाम 7 बजे हुई खानापूर्ति स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विधायक की दुकान भी अतिक्रमण में आती है और उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर एसडीएम नाराज हो गए। लोगों ने प्रशासन पर चुन-चुन कर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। विरोध के बाद शाम करीब 7 बजे प्रशासनिक अमला विधायक की दुकान का चबूतरा तोड़कर खानापूर्ति करता नजर आया और फिर वहां से लौट गया।


