निवाड़ी जिले में कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नंदराम कुशवाहा ने शुक्रवार को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन निवाड़ी डिप्टी कलेक्टर विनीता जैन को सौंपा। इस ज्ञापन में नौ गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं, जिनमें विधायक को जान से मारने की धमकी, किसानों की मौतें, अवैध कब्जे, अवैध खनन, बच्चों की मौतें और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली शामिल हैं। ज्ञापन के पहले बिंदु में पोहरी के विधायक कैलाश कुशवाहा को फोन पर जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया है। नंदराम कुशवाहा ने दावा किया है कि धमकी देने वाला “सत्ता संरक्षित गुंडा” है। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में ग्वालियर जिले के बेहट में मूलचंद कुशवाहा पर चार-पांच बदमाशों द्वारा लाठी-डंडों से हमला कर अधमरा छोड़ने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसे अपराधी खुले घूम रहे हैं, जो शर्मनाक है। टीकमगढ़ के जमना कुशवाहा की खाद लेने के लिए चार दिन से लाइन में लगे रहने के दौरान तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। ज्ञापन में इस घटना को किसान की शहादत बताते हुए उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद की कमी के कारण किसान दम तोड़ रहे हैं, और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन है। उन्होंने सभी मृत किसानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। गुंदरई गांव में अवैध कब्जे का आरोप भी लगाया गया है। नंदराम कुशवाहा का कहना है कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से रातों-रात जमीन हड़प ली गई। उन्होंने मामले में तत्काल जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। वा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग इसके अलावा हाल ही में कई राज्यों में खांसी की दवा से दर्जनों बच्चों की मौत हुई है इस मामले में उन्होंने दवा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं ज्ञापन में निवाड़ी के सरकारी स्कूलों की खराब हालत का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि निवाड़ी के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित रहते है और पढ़ाई बाधित होती है। बच्चों को स्कूल ड्रेस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए और बच्चों को तुरंत ड्रेस दी जाए। वहीं निवाड़ी जिले में मुरम, बालू और पत्थर का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपील की है कि सरकार और प्रशासन इन मुद्दों को हल्के में न ले। जनता त्रस्त है, किसान मर रहे हैं और कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि हम न्याय चाहते हैं और हर बिंदु पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।


