भास्कर न्यूज|लुधियाना लुधियाना में 24 घंटे पानी सप्लाई देने के लिए शुरू की गई नहरी पानी परियोजना को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर और इंजीनियर ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे निगम को दोबारा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी है। यह जानकारी प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट की ओर से कमिश्नर को भेजी गई रिपोर्ट में दी गई है। साल 2012-13 में इस परियोजना की योजना तैयार की गई थी, लेकिन यह करीब 8 साल तक फाइलों में ही अटकी रही। वर्ल्ड बैंक स्कीम के तहत 3400 करोड़ की नहरी पानी परियोजना को 2020 में राज्य सरकार ने मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत 2 फेज में 3400 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। जनवरी 2024 में परियोजना का काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि वर्तमान में सर्वे का काम चल रहा है। 2023 में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की गई थीं, लेकिन 2024 में इन अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। आप विधायक गुरप्रीत गोगी ने इस परियोजना में कांट्रेक्ट पर तैनात अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे और इन्हें हटाने की मांग की थी। इन अधिकारियों का नाम 650 करोड़ के बुड्ढा दरिया प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने में भी शामिल था। लुधियाना| नहर आधारित जलापूर्ति परियोजना के तहत सर्वेक्षण कार्यों को तेजी से पूरा करने और विभिन्न विभागों से एनओसी प्राप्त करने के लिए कहा। यह बात वीरवार को सराभा नगर स्थित एमसी जोन डी कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने कही। विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना के तहत गांव बिलगा (साहनेवाल के पास) में 580 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) स्थापित किया जाएगा। फील्ड सर्वे और डिजाइनिंग का काम चल रहा है और कमिश्नर ने इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस बैठक में परियोजना निगरानी समिति (पीएमसी) की दूसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों से एनओसी प्राप्त करने पर जोर दिया गया, ताकि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद सिविल कार्यों में कोई देरी न हो। कमिश्नर ने कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है, ताकि परियोजना की कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। फील्ड सर्वेक्षण और डिजाइनिंग कार्यों में तेजी लाने के लिए साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस बैठक में मुख्य अभियंता रविंदर गर्ग, एसई (प्रोजेक्ट) पारुल गोयल और पीएसपीसीएल, सिंचाई विभाग, वन विभाग सहित विभिन्न अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


