बलरामपुर के प्रतापपुर विधानसभा से भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद गहरा गया है। सर्व आदिवासी समाज के सैकड़ों लोगों ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में वाड्रफनगर पुलिस चौकी पहुंचकर विधायक के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच एक छानबीन समिति कर रही है। समिति अपनी रिपोर्ट 27 नवंबर को सौंपेगी, जिसके बाद ही संभावित कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब आदिवासी समाज ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। कलेक्टर को जांच समिति बनाने का निर्देश याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधायक पोर्ते का जाति प्रमाण पत्र पति के आधार पर जारी किया गया है, जबकि नियमानुसार प्रमाण पत्र में पिता का नाम दर्ज होना अनिवार्य है। उच्च न्यायालय ने जिले के कलेक्टर को जांच समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। 27 नवंबर को अंतिम सुनवाई इसी मामले में 27 नवंबर को अंतिम सुनवाई निर्धारित है। अदालत ने विधायक पोर्ते को जाति संबंधी सभी दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस भी जारी किया है। सभी की निगाहें 27 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद इस पूरे प्रकरण पर महत्वपूर्ण फैसला आने की संभावना है।


