भास्कर न्यूज | राजनांदगांव इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के लोक संगीत एवं कला संकाय विभाग के डीन व थियेटर के विभागाध्यक्ष डॉ.योगेंद्र चौबे ने कलेक्टर खैरागढ़ चंद्रकांत वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से इस मामले की शिकायत की है। उनका आरोप है कि कलेक्टर वर्मा ने उन्हें सार्वजनिक रूप से गालियां दी और अपमानित भी किया। उनका कहना है कि 21 से 23 मार्च के बीच दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर व विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ऑक्टेव- 2025 का आयोजन किया गया। उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल का आगमन हुआ था। आवास व भोजन की व्यवस्था यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में की गई थी। 21 मार्च को दोपहर 2 बजे जब वे मंच व्यवस्था देख रहे थे। उसी दौरान फोन आया कि कुलपति बुला रहे हैं। वहां पहुंचने पर देखा कि कुलपति खाना खा रहे थे। उस समय पूछने पर जवाब आया कि उन्हें नहीं बुलाया गया है। इतने में कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा ने उंगली दिखाते हुए कहा कि ‘ मैंने तुम्हें बुलाया है, बाहर मेरा इंतजार करो’। उस दौरान बाहर निकलने के बाद कलेक्टर ने गाली देना शुरू कर दिया। अपशब्द का विरोध करने पर कलेक्टर ने कह दिया कि ‘तुझे तो देख लूंगा, और साथ ही कहा कि देखता हूं, तुम्हारे विश्वविद्यालय को। विश्वविद्यालय की एक-एक जमीन नपवाऊंगा’। मुझे मानसिक आघात पहुंचा है विभागाध्यक्ष डॉ.योगेंद्र चौबे ने अपनी शिकायत में लिखा है कि 21 मार्च को उनके अलावा डॉ.अजय पांडेय और शेलेंद्र जीत सिंह ने इसकी मौखिक जानकारी दी थी। वे एक शिक्षक के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकार भी हैं। इसके साथ ही वर्तमान में लोक संगीत एवं कला संकाय के अधिष्ठाता के रूप में काम कर रहे हैं। इस तरह सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे जाने से व अपमानित किए जाने से क्षुब्ध हैं। इससे गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है। इस मामले में उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। इधर इस मामले में पक्ष जानने कलेक्टर वर्मा से संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।


