5 हजार पदोन्नत प्रिंसिपल के बाद अब 10 हजार पदोन्नत लेक्चरर की ऑनलाइन काउंसलिंग बीच में ही अटक गई है। पूर्व में जारी टाइम शेड्यूल के मुताबिक पदोन्नत व्याख्याता को 12 फरवरी तक पदस्थापन दिया जाना था। लेकिन पिछले पांच दिनों से सर्वर डाउन होने के कारण काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। हालांकि प्रिंसिपल की काउंसलिंग को शिक्षा विभाग ने स्थगित कर दिया है, लेकिन पदोन्नत लेक्चरर की काउंसलिंग को लेकर फिलहाल कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में 10515 लेक्चर असमंजस की स्थिति में हैं। शिक्षकों का कहना है कि एक ओर शिक्षा विभाग सर्वर डाउन होने का तर्क दे रहा है दूसरी ओर इसी शाला दर्पण पोर्टल पर आठवीं और पांचवीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म सहित अन्य सभी कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। दरअसल, पदोन्नत लेक्चर काउंसलिंग को तीसरी बार रोका गया है। वरिष्ठ अध्यापक से लेक्चरर पदों की डीपीसी पिछले साल 20 नवंबर को की गई थी, लेकिन अभी तक व्याख्याता को स्कूलों में नई जगह पोस्टिंग नहीं मिली है। काउंसलिंग की प्रक्रिया को बीच में रोकने का शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट कारण नहीं बताया है। “ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को शुरू कर चलती हुई काउंसलिंग का रुक जाना और काउंसलिंग रुकने का कारण नहीं बताना न्याय संगत नहीं है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि यदि ऑनलाइन काउंसलिंग संभव नहीं हो रही है तो पदोन्नत शिक्षकों को ऑफलाइन काउंसलिंग के जरिए पदस्थापन दिया जाए।”
-महेंद्र पांडे, मुख्य महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ “ऑनलाइन काउंसलिंग के अलावा अन्य सभी काम शाला दर्पण पोर्टल पर हो रहे हैं। शिक्षा विभाग सर्वर डाउन के नाम पर बेवजह काउंसलिंग प्रक्रिया को बार-बार स्थगित कर रहा है।”
-मनीष कस्वां, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद


