भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में सुरक्षित, पारदर्शी व नियमानुसार रक्तदान सुनिश्चित करने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित करने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में यह गाइडलाइन लागू की गई है। सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में बिना लिखित अनुमति के कोई भी संस्था, संगठन या व्यक्ति रक्तदान शिविर आयोजित नहीं कर सकेगा। जिले में रक्तदान शिविर आयोजित करने आयोजक संस्था को कम से कम सात दिन पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन की स्वीकृति के बाद ही शिविर लगाया जा सकेगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार रक्तदान पूरी तरह से स्वैच्छिक व निशुल्क होना चाहिए। किसी प्रकार का प्रलोभन, रकम या अन्य लाभ देकर रक्तदान कराना प्रतिबंधित रहेगा। हर रक्तदाता की मेडिकल जांच, लिखित सहमति, पहचान सत्यापन व संपूर्ण रिकॉर्ड संधारण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। केंद्र व राज्य शासन की ओर से जारी राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद (एनबीटीसी) व राज्य रक्त आधान परिषद (एसबीटीसी) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। जांच के दौरान नियमों को उल्लंघन करना पाया गया, तो प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों पर जताई चिंता स्वास्थ्य विभाग ने अवैध व अनियमित रक्तदान शिविरों से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों पर भी चिंता जताई है। विभाग के अनुसार ऐसे शिविर के कारण एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी व सिफलिस जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इससे न केवल रक्तदाताओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को असुरक्षित रक्त मिलने की आशंका रहती है।


