रांची/हजारीबाग | विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कंस्टीट्यूएंट कॉलेज को नए साल में नीड बेस्ट बेस्ड (आवश्यकता आधारित) शिक्षक मिलेंगे। विश्वविद्यालय ने आवश्यकता आधारित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पिछले वर्ष विज्ञापन निकाला था। आवेदकों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। अमित को का इंटरव्यू के बाद उनकी अस्थाई नियुक्ति की जाएगी। कॉलेज में खाली स्थाई शिक्षकों के पद के विरुद्ध उक्त नियुक्ति निकाली गई थी। विषय वार शिक्षकों के मामले में विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों की हालत खराब है। संत कोलंबा महाविद्यालय हजारीबाग जैसे संस्थान में भी कई विषय में एक-एक शिक्षक बचे हैं। यहां भूगर्भ विज्ञान, मनोविज्ञान, उर्दू, संस्कृत विभाग में एक शिक्षक है। कब महिला महाविद्यालय के कई विभाग गेस्ट फैकल्टी से चल रहे हैं। विश्वविद्यालय ऐसे कॉलेजों में वैकल्पिक शिक्षक देने में फैल रहा। दिसंबर माह में टीचिंग असिस्टेंट के रूप में डॉक्टोरल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट टॉपर और यूनिवर्सिटी टॉपर्स को एक-एक साल प ढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है। आवश्यकता के अनुपात में की गई नियुक्ति बहुत कम है। कॉलेज की विभिन्न विभागों में न्यूनतम 200 से अधिक शिक्षक चाहिए। इसके बाद ही कॉलेज में नियमित कक्षाएं संभव हो सकती हैं।


