शिवपुरी में अखिल भारतीय लोधी विमुक्त जनजाति संघ की मध्यप्रदेश राज्य इकाई ने प्रदेश में निवासरत विमुक्त और घुमंतू समुदायों को उनका जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग की है। शुक्रवार को इस संबंध में संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश लोधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा। दिनेश लोधी ने बताया कि राष्ट्रीय विमुक्त दिवस (31 अगस्त) के अवसर पर समुदाय के लोगों को उनकी मूल पहचान दिलाने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रमाण-पत्र जारी करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विमुक्त जातियां देशभक्त और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रही हैं, जबकि घुमंतू समुदाय भारतीय संस्कृति के रक्षक रहे हैं। इन समुदायों को कोई पृथक अनुच्छेद जगह नहीं मिली लोधी ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान में इन समुदायों को कोई पृथक अनुच्छेद या शेड्यूल का स्थान नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने इनके उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं, जिनमें आर्थिक सशक्तिकरण योजना प्रमुख है। योजनाओं के लाभ के लिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी हालांकि, इन योजनाओं का लाभ तभी मिल सकता है जब समुदाय के लोगों के पास विमुक्त और घुमंतू जाति का वैध प्रमाण-पत्र उपलब्ध हो। उन्होंने जानकारी दी कि इदाते कमीशन की राज्यवार तैयार की गई जातियों की सूची को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को भेजते हुए प्रमाण-पत्र जारी करने की अनुशंसा भी की है। दिनेश लोधी ने सरकार से मांग की कि मध्यप्रदेश में सूचीबद्ध विमुक्त और घुमंतू जातियों को प्रमाण-पत्र जारी करने का शासनादेश जल्द जारी किया जाए। इससे लंबे समय से उपेक्षित इस समुदाय को न्याय मिल सकेगा और वे सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकेंगे।


