डीडवाना के गवर्नमेंट बांगड़ कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित स्वदेशी संकल्प दौड़ से हुई, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों और कॉलेज के संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। दौड़ के बाद विवेकानंद वाटिका में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मनीषा गोदारा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, विचारों और युवाओं के प्रति उनके विश्वास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर ही सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के अगले चरण में सरस्वती पूजन किया गया, जिसके बाद स्वयंसेवकों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें देशभक्ति गीत और नृत्य शामिल थे। वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. चेनाराम मुंदलिया ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखते हुए उनके चारित्रिक बल, सेवा भावना और राष्ट्रवादी चिंतन को युवाओं के लिए आदर्श बताया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने भी स्वामी विवेकानंद के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर में आयोजित सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। उन्नति जांगिड़, उन्नति भाटी, देव और महेंद्र को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही, सड़क सुरक्षा के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन एनएसएस स्वयंसेवक प्रदीप ने किया। इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. अंतिमा अग्रवाल, डॉ. तृप्ति सिंघल, प्रो. आशीष जिंजवाडिया सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।


