विशेष आकस्मिक अवकाश में संशोधन बर्दाश्त नहीं : सुशील

भास्कर न्यूज | गढ़वा शिक्षा विभाग के विभागीय सचिव के द्वारा लर्निंग गैप का हवाला देकर महिला शिक्षिकाओं को मिलने वाले विशेष आकस्मिक अवकाश को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में झारोटेफ जिला ईकाई गढ़वा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि झारखण्ड राज्य में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को मिलने वाले विशेष आकस्मिक अवकाश में संशोधन किया गया तो इसे झारोटेफ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इस बाबत जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने विस्तृत रूप से संबंधित अवकाश के बारे में बताया कि झारखण्ड सेवा संहिता के परिशिष्ट 13 के आलोक में स्वीकृत विशेष आकस्मिक अवकाश और वित्त विभाग के अनुसार नियमित सरकारी महिला शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को स्वीकृत विशेष आकस्मिक अवकाश की गणना पेंशन के लिए की जाएगी। यह अवकाश पंचांग वर्ष के अनुमान्य आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त देय होगा। निश्चित उम्र और माह के हरबार की निश्चित तिथि बाध्यकारी नहीं है। यह समस्त सेवाकाल में प्रत्येक माह के किसी भी तिथि में लगातार दो दिनों के लिए उपभोग किया जा सकता है। इस अवकाश को स्वीकृत करने का अधिकार उन प्रधान शिक्षकों एवं पदाधिकारियों को होगा। जिनको वर्तमान नियमानुसार आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने की शक्ति प्रदत्त है।

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