भास्कर न्यूज | गढ़वा राष्ट्र पुनर्निर्माण और युवाशक्ति के जागरण के संकल्प के साथ कार्यरत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का झारखंड प्रदेश का 26वां प्रदेश अधिवेशन 26, 27 एवं 28 दिसंबर को गढ़वा की ऐतिहासिक और पुण्यभूमि पर भव्य रूप से आयोजित होने जा रहा है। यह अधिवेशन झारखंड की छात्र-शक्ति, शिक्षा जगत और समाज के बीच संवाद, चिंतन तथा नवदिशा निर्धारण का एक विराट मंच होगा। अधिवेशन को लेकर अधिवेशन की स्वागत समिति की औपचारिक घोषणा की गई। समिति में रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी को स्वागत समिति अध्यक्ष, अभाविप के पूर्व कार्यकर्ता विनय चौबे को मंत्री व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह संघचालक धनंजय सिंह को अधिवेशन संयोजक के रूप में नामित किया गया। इस संबंध में अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ याज्ञवल्क्य शुक्ला ने कहा कि गढ़वा की धरती आगामी दिनों में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रही है। यह अधिवेशन न केवल विद्यार्थियों में वैचारिक जागरण का सूत्रपात करेगा। बल्कि झारखंड की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य को दिशा देने वाला मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिवेशन लघु झारखंड का वास्तविक प्रतीक बनेगा, जहां संपूर्ण प्रदेश से आए छात्र प्रतिनिधि और युवा कार्यकर्ता एक साथ विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वागत समिति में जिले के सभी वर्गों शिक्षक, किसान, उद्यमी, समाजसेवी और बुद्धिजीवी की सहभागिता यह दर्शाती है कि यह महा अधिवेशन केवल अभाविप का आयोजन नहीं, बल्कि गढ़वा के जन-जन का उत्सव होगा। गढ़वा की इस धरती पर युवाओं का यह संगम राज्य की नई शिक्षा दिशा, नीति और समाज में विद्यार्थियों की भूमिका पर दूरगामी प्रभाव डालेगा। तीन दिवसीय इस वैचारिक महाकुंभ में झारखंड भर से सैकड़ों प्रतिनिधि, कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं युवा तरुणाई उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। अभाविप का यह अधिवेशन केवल आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की युवा चेतना के नवप्रज्जवलन का प्रतीक बनेगा।


