विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक छुट्‌टी घोषित करने की मांग:जांगिड़ ब्राह्मण महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा की जिला इकाई ने विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक छुट्‌टी घोषित करने की मांग की है। महासभा ने इस संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद सीदड़ के नेतृत्व में दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में जांगिड़-सुथार समाज की बड़ी आबादी निवास करती है। भगवान विश्वकर्मा केवल जांगिड़ समाज के ही नहीं, बल्कि स्वर्णकार, लुहार, पांचाल, कुमावत, ठठेरा और मूर्तिकार सहित अनेक शिल्पकार जातियों के भी आराध्य देव हैं। जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद सीदड़ ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार ने विश्वकर्मा जयंती को केवल ऐच्छिक छुट्‌टी की श्रेणी में रखा है। समाज लंबे समय से इसे सार्वजनिक छुट्‌टी घोषित करने की मांग कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य समाजों के आराध्य देवों की जयंती पर सरकारी छुट्‌टी घोषित किए जाते हैं, तो विश्वकर्मा समाज की इस मांग की उपेक्षा करना न्यायसंगत नहीं है। महासभा ने इस उपेक्षापूर्ण रवैये पर समाज में गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के सरकारी और निजी कारखानों में कार्यरत मजदूर, मिस्त्री और इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की पूजा के बाद ही अपना कार्य प्रारंभ करते हैं, जो इस जयंती के महत्व को दर्शाता है। समाज ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आशा व्यक्त की है कि वे इस उचित मांग पर सकारात्मक विचार करेंगे। महासभा ने माघ शुक्ला त्रयोदशी को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सार्वजनिक छुट्‌टी घोषित कर समाज को अनुग्रहित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य नागरिक और महासभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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