जयपुर में विश्व कैंसर दिवस पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल ने कैंसर के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस वर्ष की थीम ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ के तहत कैंसर के खिलाफ सामूहिक लड़ाई पर जोर दिया गया है। राजस्थान के लिए चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं, जिनके अनुसार हर 9वें व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कैंसर होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर सबसे अधिक पाया जा रहा है। चिंता की बात यह है कि 2025 तक कैंसर के मामलों में 12.8% की वृद्धि का अनुमान है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर कैंसर का पता लगने से इलाज आसान होता है और मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर में, अगर जल्दी पता चल जाए तो मरीज के बचने की संभावना 90% से अधिक होती है। इससे न केवल इलाज में आसानी होती है, बल्कि मरीज और उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक और मानसिक बोझ भी कम हो जाता है। डॉक्टरों ने नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही कैंसर के लक्षणों को समझना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना भी जरूरी बताया है। डॉ. दिवेश गोयल, सीनियर कंसल्टेंट ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स जयपुर ने बताया- रोकथाम और समय पर पता लगाने की संस्कृति को अपनाकर, हम कैंसर के बोझ को काफ़ी हद तक कम कर सकते हैं। रोकथाम की शुरुआत सरल विकल्पों से होती है- जानकारी रखना, नियमित जांच को प्राथमिकता देना और अपने और अपने परिवार के लिए स्वस्थ आदतें और जीवनशैली अपनाना। कैंसर के बारे में खुली बातचीत कलंक को तोड़ने में मदद कर सकती है, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जांच करवाने और समय पर चिकित्सा सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। समय पर पता लगने पर रोकथाम और उपचार संभव है, और हम जो भी छोटा कदम उठाते हैं, उससे जान बच सकती है। साथ मिलकर, आइए एक ऐसे भविष्य की प्रेरणा लें जहां स्वास्थ्य और सेहत को प्राथमिकता दी जाए। डॉ. दिवेश गोयल ने कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के लिए निम्नलिखित 6 बिंदु भी बताए।


