छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला अस्पताल में विश्व रक्तदान दिवस पर विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में धमतरी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रक्तदान के लिए पहुंचे। शिविर में एक बिहार के दिव्यांग व्यक्ति ने पहली बार रक्तदान किया। वे पिछले 10-12 सालों से धमतरी में रहकर विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिव्यांगता के कारण उन्हें रक्तदान से मना किया जाता था। लेकिन इस बार उन्होंने हिम्मत दिखाई। एक बुजुर्ग ने भी 50 सालों के बाद अपने साथियों की प्रेरणा से रक्तदान किया। रक्तदान से पहले सभी दाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। दिव्यांग रक्तदाता ने बताया कि शुरुआत में उन्हें घबराहट हो रही थी, लेकिन रक्तदान के बाद वे स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और सभी को इसमें भाग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी कभी भी रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए रक्तदान करना महत्वपूर्ण है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आयोजित इस शिविर से जरूरतमंद लोगों को आसानी से रक्त उपलब्ध हो सकेगा। रक्तदाताओं ने अन्य लोगों से भी रक्तदान करने की अपील की। वही एक रक्तदाता ने बताया कि उनको 50 वर्ष पूरे हो गए। 50 वर्ष के बाद वह पहली बार रक्तदान करने पहुंचे। वह अपने साथियों के प्रेरणा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित हुए। आज रक्तदान करेंगे तो कल किसी को भी रक्त की जरूरत पड़ सकती है। जिसके लिए रक्तदान करना जरूरी है। इंडियन रेड क्रॉस के वाइस चेयरमैन शिव प्रधान ने बताया कि 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसके अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि रक्त दान दिवस पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। रक्तदान करना मानवता का परिचय देना है। रक्तदान करने के लिए सभी आगे आये और भी लोगों को रक्तदान करवाने के लिए प्रेरणा दें।


