सिटी रिपोर्टर | बोकारो मातृ शक्ति एक ऐसी शक्ति का परिचायक है जो समता में अति सामान्य किंतु विषमताओं में असाधारण रूप से निडर, प्रखर, दृढ़ व जुझारू साबित होती हैं। यह बातें मनोज कुमार सिंह, सदस्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड ने कही। वे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सेक्टर-9 डी में आयोजित मातृ शक्ति संगम में बोल रहे थे। उन्होंने खादी ग्रामोद्योग से महिलाओं को रोजगारोन्मुखी बनने के लिए प्रेरित किया। संस्था के मुख्य संरक्षक राजेंद्र कुमार ने आगे बढ़कर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय होने की अपील की। संस्था की महासचिव साध्वी झा ने संस्थागत कार्य सहित महिला समूहों के वर्ष भर की उपलब्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि अपने अभिवंचित व साधारण समाज की बहनें जंग लगी तलवार की भांति हो गई हैं, उनकी पहचान व क्षमताएं बादल में छिपे सूर्य की तरह हो गई है। संकल्प सृजन माध्यम मात्र है, संस्था के बहानें, सोई प्रतिभा जगाने का काम कर रही है। खादी और ग्रामोद्योग से झारखंड निदेशक मांगेराम ने रेशा व कागज उद्योग की जानकारी देते हुए हर संभव सहयोग की बातें कहीं। संस्था की ओर से दो उत्कृष्ट समूह को (राधारानी महिला सृजनश्री, हार्टिंग बस्ती, कमला महिला सृजनश्री) वर्ष भर की उपलब्धि हेतु सर्वश्रेष्ठ सम्मान मनोरमा कश्यप विजय रत्न व मनोरमा कश्यप समाज रत्न सम्मान से सुशोभित किया गया। इसी के साथ बड़ा खटाल की अंजना, शिवाजी कॉलोनी की अरुणा, रानीपोखर की मां जया तथा पचोरा की तक्षशिला महिला सृजनश्री को उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अविनाश कुमार , कौशल किशोर राय, विकास पांडेय, विक्रम महतो, गोपाल कुमार आदि ने बहनों का उत्साहवर्धन किया।


