कथारा | सीसीएल जारंगडीह कोलियरी के बंद भूमिगत खदान स्थित काली मंदिर के समीप बुधवार को जारंगडीह मौजा पांच व अन्य रैयत विस्थापितों की बैठक संपन्न हुई। जिसमें वर्षों से हक अधिकार से वंचित रैयत विस्थापितों ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि वर्ष 1922 में उन सभी को विस्थापित किया गया। इसके बाद वे तुलबुल पंचायत के हरदियामो गांव एवं असनापानी मुंडा टोला में बस गए। उनको न अब तक नौकरी ही मिली और न ही मुआवजा दिया गया। यहां तक कि कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी में कार्य पर नहीं रखा गया। बैठक के पूर्व विस्थापित रैयत इस मामले को लेकर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कथारा क्षेत्रीय सचिव विलसन फ्रांसिस उर्फ बबलू से मिलकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर पूरे मामले से अवगत कराया। श्रमिक नेता सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि ने भी अपना समर्थन दिया।


