विस्थापितों के मुद्दों को ले मोर्चा खोलेगा जेएलकेएम

भास्कर न्यूज|गांधीनगर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के बैनर तले केंद्रीय सचिव रौशन कुमार महतो एवं गुलाम रब्बानी ने सीसीएल बीएंडके प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि प्रबंधन टाल मटोल नीति अपना रही है। इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जाएगा। कहा, विस्थापितों से जुड़े 25 बिंदुओं की मांग पत्र सीसीएल बीएंडके एरिया के एकेकेओसी परियोजना प्रबंधन को दिया गया था। कहा कि यहां के चार विस्थापित गांवों की विभिन्न मुद्दों से जुड़े मांग को लेकर 20 दिसंबर को बीएंडके जीएम कार्यालय सभागार में वार्ता हुई थी। जिसमें बेरोजगार युवकों के रोजगार को लेकर प्रबंधन के साथ मुद्दों पर सकारात्मक वार्ता नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। प्रबंधन की ओर से दो दिनों का समय लिया गया था। परंतु समयानुसार वार्ता नहीं होने पर 23 दिसंबर को जेएलकेएम के बैनर तले माइंस में को बंद किया गया था। लगभग 6 घंटे बंदी के बाद पिट्स ऑफिस के सभागार में वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। जहां रोजगार के मुद्दों को लेकर बीएंडके प्रक्षेत्र के खनन एसओपी एसके सिंह, गांधीनगर थाना प्रभारी, पीओ कन्हैया शंकर गेवाल, मैनेजर सुमेधा नंदन, भूमि एवं राजस्व पदाधिकारी बीके ठाकुर, कार्मिक उप प्रबंधक रमेश कुमार सहित आंदोलन कर रहे सभी साथी की उपस्थिति में वार्ता हुई। जहां कुछ मांगों पूरा न होने की स्थिति में प्रबंधन ने दो दिनों का पुनः समय लिया था। लेकिन दो दिनों के बजाय महीना बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उल्टे आंदोलनकारियों पर मामला दर्ज करा दिया गया। इससे साबित हो रहा है कि प्रबंधन की इच्छा है कि विस्थापितों का मुद्दा हमेशा दबा रहे। अपनी जमीन देकर रैयत दर-ब-दर भटकते रहे। वैसे यह हमारी हक अधिकार की लड़ाई है। जब तक समाधान नहीं हो जाता ये लड़ाई जारी रहेगा। इनकी मांगों में बरवा बेड़ा, लोधर बेड़ा, कुरपनिया बस्ती, जरीडीह बस्ती, बेरमो मौजा की अधिग्रहित जमीन के बदले लंबित सत्यापन पूरा कराने, सत्यापन जमीन पर नौकरी एवं मुआवजा देने आदि शामिल है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *