विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने सोमवार को शिवपुरी जिले में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे व्यापक धर्मांतरण को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शासकीय सेवा में पदस्थ कुछ कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका से भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराया जा रहा है। विभाग मंत्री नरेश ओझा ने बताया कि लंबे समय से शिवपुरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इन गतिविधियों में विभिन्न विभागों में पदस्थ ईसाई शासकीय कर्मचारियों का भी कथित सहयोग बताया गया है। आरोप है कि ये लोग ग्रामीणों को आर्थिक मदद, इलाज, शिक्षा और अन्य प्रलोभनों का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित गांवों में रविवार के दिन प्रार्थना सभाएं आयोजित कर हिंदू समाज के लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। आरोप- कर्मचारियों की सहभागिता से धर्मांतरण
बता दें कि ज्ञापन में बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ाल (डांग), अगरा और रामपुरी में धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों के साथ निम्न शासकीय कर्मचारियों के नाम दर्ज किए गए हैं जिनमें वीरेंद्र कुमार तिर्की शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय पिपरौदा, अनिता भगत शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय गुड़ाल, राजपाती बाई शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय अगरा, सुगंधचंद पेकरा पटवारी का नाम शामिल है। संगठन का आरोप है कि इन कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की सहभागिता से गांवों में धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आरोप के मुताबिक, रविवार को विहिप-बजरंग दल के कार्यकर्ता बदरवास थाना क्षेत्र में मौके पर पहुंचे थे, जहां वन विभाग की शासकीय भूमि पर चर्च का निर्माण कराया जा रहा था। विरोध के बाद वन विभाग ने पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से निर्माणाधीन भवन को ढहा दिया। विभाग मंत्री नरेश ओझा ने बताया कि गांव में शासकीय कर्मचारियों की भूमिका से सैकड़ों लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया, जिसकी जानकारी किसी को कानोंकान नहीं लगी। उन्होंने बताया कि वन भूमि पर करीब 30 बाई 80 स्क्वेयर फीट क्षेत्र में गुपचुप तरीके से चर्च का निर्माण कराया जा रहा था और इसके लिए फंडिंग भी की गई थी। संगठन ने प्रशासन से इस पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि ज्ञापन सौंपने के पहले कार्यकर्ताओं ने शिवपुरी स्थित एसपी कार्यालय के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। चेतावनी दी गई कि यदि शासकीय कर्मचारियों, मिशनरियों और सहयोग करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो संत समाज और हिंदू समाज के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


