वीडियो सोशल मीडिया पर डाल फंसे आप नेता:गुरु साहिब की आपत्तिजनक प्रस्तुति का आरोप, धार्मिक भावनाएं आहत होने पर एसएसपी चंडीगढ़ को शिकायत

सोशल मीडिया पर सुखबीर सिंह बादल की एक वीडियो सोशल मीडिया पर डालने पर आप नेता खिलाफ शिकायत हुई है। इस मामले में प्लानिंग बोर्ड एसबीएस नगर के चेयरमैन सतनाम जलालपुर खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को औपचारिक शिकायत सौंपी गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत, भ्रामक और ईशनिंदा वीडियो सामग्री तैयार कर प्रसारित की गई, जिसमें गुरु साहिब के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई है। इससे दुनिया भर में बसे नानक नाम लेवा सिखों की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। निजी अकाउंट से पोस्ट, फिर पार्टी पेज से प्रचार का आरोप
शिकायत के अनुसार विवादित वीडियो पहले सतनाम जलालपुर के निजी फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया गया और इसके बाद उसे AAP जालंधर के आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए साझा और प्रचारित किया गया। आरोप है कि इससे इस आपत्तिजनक सामग्री को राजनीतिक समर्थन और व्यापक प्रसार मिला। दुर्भावनापूर्ण इरादे से सामग्री तैयार करने का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह वीडियो पूरी तरह बनाया हुआ और भ्रामक है, जिसे जानबूझकर ऐसे उद्देश्य से तैयार किया गया ताकि धार्मिक भावनाएं आहत हों, गुरु साहिब की गरिमा और पवित्रता को ठेस पहुंचे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि किसी राजनीतिक पदाधिकारी और पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज की संलिप्तता इस मामले को और गंभीर बनाती है और यह धर्म के राजनीतिक दुरुपयोग का उदाहरण है, जो संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ है। BNS और IT एक्ट की कई धाराओं का हवाला
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 299, 299A, 196, 353 और 3(5) के तहत अपराध बनता बताया गया है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C, 66D, 67 और 69A के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला भाषण या सामग्री अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में संरक्षित नहीं है और राज्य का कर्तव्य है कि वह ऐसी सामग्री पर सख्त कार्रवाई करे। FIR, गिरफ्तारी और कंटेंट हटाने की मांग
शिकायत के जरिए मांग की गई है कि सतनाम जलालपुर और AAP जालंधर फेसबुक पेज के प्रशासकों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए, अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी हो, IT एक्ट की धारा 69A के तहत आपत्तिजनक कंटेंट को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाया जाए,पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।

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