भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद बंशीलाल गुर्जर ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगी। ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर गुर्जर ने बताया कि योजना के तहत राज्य सरकार ग्राम पंचायतों और गांवों में गरीबों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के लिए स्थायी आजीविका के स्रोत विकसित करेगी।
इसके लिए कृषि कार्यों में भी मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि फसलों की बुवाई और कटाई के समय किसी तरह की कमी न हो। 125 दिन रोजगार और अतिरिक्त मजदूरी सांसद गुर्जर ने बताया कि योजना में 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके साथ ही कृषि कार्यों में 60 दिन की अतिरिक्त मजदूरी का प्रावधान है। यानी एक श्रमिक को कुल 185 दिन का रोजगार अपने ही गांव में मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता रहेगी गुर्जर ने कहा कि योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लागू की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। मजदूरों की उपस्थिति की डिजिटल निगरानी की जाएगी। अगर किसी कारणवश मजदूर को कार्य उपलब्ध नहीं हो पाएगा, तो मजदूरी भत्ता भी मिलेगा। ग्राम पंचायतों को परिवार पंजीयन और रोजगार गारंटी का अधिकार दिया गया है। गांव से ही होगा भारत का विकास गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ग्राम स्वराज और स्वदेशी की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गांवों में रोजगार मिलने से आय गांव में ही रहेगी, जिससे स्थानीय बाजार, निर्माण कार्य और अधोसंरचना का विकास होगा। उन्होंने यह भी बताया कि योजना में पारदर्शिता, समयबद्ध क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सीधा लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।


