रविवार शाम करीब साढ़े 5 बजे फतेहगढ़ इस्कॉन रोड स्थित वृंदावन इस्कॉन मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई। मुख्य गेट से शुरू होकर रथ यात्रा कॉॅलोनी की कई गलियों में पहुंची। बरसात होने के बावजूद भगवान की रथ यात्रा में भक्तों का प्रभु के प्रति अथाह प्रेम देखने को मिला। फूलों से सजे रथ पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलदेव वृंदावन से आए राजसी वस्त्र को धारण करके रथ यात्रा पर सवार हुए। इस्कॉन मंदिर की ओर से भक्तों के सहयोग से निकाली रथ यात्रा के पहले आरती और शंखनाद किया गया। इससे पहले इस्कॉन जिला अध्यक्ष प्रभु इंद्रानुज दास ने कहा कि श्री जगन्नाथ जी के रथ को खींचने वाला भक्त जन्म-मृत्यु के चक्कर से मुक्ति पाता है। रथयात्रा में आए नेताओं को इस्कॉन पदाधिकारियों द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शंखनाद के साथ शुरू की रथ यात्रा में हजारों की संख्या में कृष्ण भक्तजन पहुंचे। शंख बजाने के साथ ही भगवान के रथ को भक्तों ने खींचना शुरू किया। वृंदावन गार्डन के मुख्य गेट से शुरु होकर रथ यात्रा कॉलोनी के अलग-अलग इलाकों में पहुंची। यहां लोगों की ओर से महाप्रभु का स्वागत फूलों की वर्षा करके किया। इसी दौरान भक्तों ने भगवान जगन्नाथ जी को फलों, ड्राईफ्रूट, मिठाइयों, जलेबी, कलाकंद, टाफियों, जूस, कोल्डड्रिंक समेत अन्य कई व्यजनों का भोग लगाया। जिसका प्रसाद रथ यात्रा में शामिल भक्तों में बांटा गया। शाम साढ़े 5 बजे शुरू रथ यात्रा रात 9 बजे तक समाप्त हुई।


