गीता एक ग्रंथ नहीं, श्री कृष्ण जी के मुख से निकली दिव्य वाणी : जोशी

श्री गीता सेवा समिति द्वारा गीता हवन यज्ञ की श्रंखला के चलते रविवार को हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। समिति के प्रधान राजीव जोशी की अध्यक्षता में गीता भवन में आयोजित किया हवन यज्ञ में अश्वनी महाजन अंजू महाजन मुख्य यजमान बने। पंडित विजय शास्त्री ने नवग्रह पूजन के उपरांत गीता के श्लोकों के साथ यज्ञशाला की पवित्र अग्नि में आहुतियां डलवाई। इस मौके पर समिति के प्रधान जोशी ने कहा कि गीता एक ग्रंथ नहीं है यह साक्षात भगवान कृष्ण के मुख से निकली दिव्य वाणी है। उन्होंने कहा गीता शास्त्र वास्तव में प्राणी मात्र के लिए रक्षा कवच है। इस मौके पर समिति के वरिष्ठ सदस्य किशन लाल भाटिया की मृत्यु पर उनकी आत्मिक शांति के लिए यज्ञशाला में आहुतियां डलवा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर रजिंदर शर्मा, बंसी लाल शर्मा, विजय महाजन, बलदेव शर्मा, मदन लाल शर्मा, रमेश शर्मा, मस्तराम, सुधा महाजन मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *