वेटनरी डाक्टरों में मांगों को लेकर रोष विभागीय रिपोर्टें रोकने का लिया फैसला

भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब में वेटनरी डॉक्टरों ने सरकार की बेरुखी और लंबित मांगों के चलते विभागीय रिपोर्टें रोकने का फैसला लिया है। यह निर्णय शुक्रवार को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ वेट्स फॉर पे-पैरिटी के कन्वीनर डॉ. पुनीत मल्होत्रा ने बताया कि सरकार द्वारा वेटनरी डॉक्टरों के वेतनमान में बार-बार कटौती और मेडिकल डॉक्टरों के समान वेतन का नोटिफिकेशन होने के बावजूद उसकी अवहेलना किए जाने से डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1977 से दोनों वर्गों को समान वेतन मिलता था, लेकिन 2021 में इसे तोड़कर वेटनरी डॉक्टरों का वेतनमान 56,100 से घटाकर 47,600 कर दिया गया, जो सीधा अन्याय है। जिलाध्यक्ष डॉ. गगनदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ में वेटनरी डॉक्टरों ने संघर्ष को रोककर दिन-रात सेवाएं दीं ताकि पशुओं में बीमारियां न फैलें, लेकिन फिर भी सरकार ने मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूरी में 21 नवंबर से विभागीय रिपोर्टें रोक दी गई हैं और इस संबंध में विभागीय निदेशक को ज्ञापन सौंप दिया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *