भास्कर न्यूज | लुधियाना सनातन सेवा समिति पंजाब और वेद प्रचार मंडल पंजाब की ओर से बीसीएम स्कूल में संयुक्त रूप से एक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा मंत्री होने के नाते उनके कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब समाज में कोई बदलाव लाना हो तो उसका सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। जैसा राज्य या देश हम बनाना चाहते हैं, वैसे ही सिद्धांत बच्चों को शिक्षा के जरिए दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं है, लेकिन दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मनीष सिसोदिया द्वारा दिया गया शिक्षा मॉडल एक मिसाल है। शिक्षा मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पौधा छोटा होता है तो उसे मेहनत से मनचाही दिशा दी जा सकती है, वैसे ही बच्चों को छोटी उम्र में बेहतर शिक्षा देकर संवारा जा सकता है। उन्होंने अध्यापकों की सराहना करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को अपनी विरासत और सही मूल्यों से जोड़ने का बेहतरीन काम कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 10 सालों से शिक्षा प्रणाली और राजनीति से जुड़े हैं, लेकिन इस तरह की सोच और पहल वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने इसका श्रेय सनातन सेवा समिति पंजाब, वेद प्रचार मंडल पंजाब, बीसीएम स्कूल के प्रिंसिपल और विद्यार्थियों को दिया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि रोशन लाल, विजय शर्मा और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपलों ने मिलकर एक बड़ी सोच रखी है कि विद्यार्थियों को वेद, उपनिषद, रामायण और गीता का ज्ञान दिया जाए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस ज्ञान को केवल पढ़ें ही नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी में भी उतारें। उन्होंने कहा कि यह ज्ञान सिर्फ बीसीएम स्कूल तक सीमित न रहकर पूरे पंजाब के स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बच्चे वेद, उपनिषद, रामायण, गीता और गुरु साहित्य से होकर वैज्ञानिक शोध की ओर बढ़ेंगे, तो वे महान वैज्ञानिक बनेंगे। जो बातें आइंस्टीन ने समझाईं, वही बातें हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों साल पहले समझा दी थीं। हमें यह सोचना होगा कि हजारों साल पुराने ज्ञान को छोड़कर हम जातिवाद जैसे संकीर्ण विचारों में क्यों उलझे हुए हैं। एक साल से संस्कृति और वेदों से जोड़ने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जिसमें इस बार 25 स्कूलों के 296 विद्यार्थियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान भाषण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों और भाग लेने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा, वेद प्रचार मंडल पंजाब के अध्यक्ष रोशन लाल आर्य और कुसुम आहूजा ने मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट आने वाला है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की मांगें गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष रखी हैं। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर और बाढ़ के कारण पंजाब को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए केंद्र सरकार को स्पेशल राहत पैकेज देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को उसके कानूनी हक, चाहे वह आरडीएफ का पैसा हो या अन्य योजनाओं की राशि, तुरंत मिलनी चाहिए। साथ ही शिक्षा के लिए अतिरिक्त बजट देने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत को सचमुच सुपर पावर बनाना है तो शिक्षा में बड़ा निवेश जरूरी है। सिर्फ एक या डेढ़ प्रतिशत बजट से स्कूल, कॉलेज और रिसर्च को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके लिए कम से कम 10 प्रतिशत बजट शिक्षा को दिया जाना चाहिए।


