वैज्ञानिकों ने उन्नत उत्पादन की जानकारी दी

भास्कर न्यूज | कवर्धा ग्राम बिरकोना में सोमवार को प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। यह आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में हआ। इसमें जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव और प्रतिरोधक कृषि तकनीक पर चर्चा हुई। बिरकोना, धरमपुरा और नेवारी में चना, अलसी और तिवड़ा फसल का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर डॉ. जीके दास ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन्नत उत्पादन और जोखिम प्रबंधन तकनीक के जरिए भारतीय कृषि को लचीला बनाना है। यह फसल, पशुधन और मत्स्य पालन को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से बचाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि किसानों के खेतों पर साइट-विशिष्ट तकनीक का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिले। आयोजन में ग्राम बिरकोना के 100 से अधिक किसान, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रामेश्वर पात्रे, इंजीनियर टीएस सोनवानी, डॉ. महानंद, प्रक्षेत्र प्रबंधक, ग्राम बिरकोना के उपसरपंच, पंच और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रोग व संक्रमण की दी गई जानकारी: वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीपी त्रिपाठी ने जलवायु परिवर्तन से कीट और रोग संक्रमण पर पड़ने वाले प्रभावों और उनके बचाव के उपायों की जानकारी दी। किसानों को चना, अलसी और तिवड़ा की उन्नत उत्पादन तकनीक, बीज और फसल सुरक्षा के बारे में बताया गया। कबीरधाम जिले की प्रमुख फसलें धान, सोयाबीन, गन्ना और चना उत्पादन तकनीक पर भी जानकारी दी गई। वैज्ञानिक बीएस परिहार ने उन्नत बीज और उर्वरक प्रबंधन की जानकारी साझा की। प्राकृतिक खेती के फायदे भी बताए गए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *