विशेष संवाददाता | रांची राजधानी को जाम मुक्त बनाने के लिए सड़कों पर अतिक्रमण और नो पार्किंग जोन में वाहनों की पार्किंग करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलेगा। नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस की टीम संयुक्त रूप से रोजाना अभियान चलाएगी। इसके अलावा निगम के टाउन प्लानिंग सेक्शन की टीम शहर के सभी रूट में स्थित व्यवसायिक भवनों की पार्किंग की जांच करेगी। पार्किंग में वाहन के बजाय दुकान-गोदाम बना मिला तो संबंधित बिल्डर और भवन मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। अवैध निर्माण को तोड़ा भी जाएगा। इसके अलावा बहुमंजिली भवनों के सामने सड़क चौड़ीकरण के लिए छोड़ी गई जमीन पर खोले गए फूड कोर्ट और दुकान को तोड़ा जाएगा। रोड वाइडनिंग की जमीन पर किए गए कब्जा को हटाकर पार्किंग बनाया जाएगा। निगम प्रशासक संदीप सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई ट्रैफिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रशासक ने टाउन प्लानर को इंफोर्समेंट टीम की एक टीम बनाकर ऐसे भवनों की जांच कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा शहर में बनाए गए 31 पार्किंग स्थलों पर मार्किंग करने, साइन बोर्ड लगाकर ठेकेदार का नाम, मोबाइल नंबर और अगल पार्किंग स्थल की जानकारी लिखने का निर्देश दिया,ताकि वाहन लगाने वालों को पूरी जानकारी मिल सके। बैठक में सदर एसडीओ उत्कर्ष कुमार, ट्रैफिक डीएसपी प्रमोद केशरी, डीटीओ अखिलेश कुमार सहित जुडको, पथ निर्माण प्रमंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे। मेन रोड स्थित संकट मोचन मंदिर से डेली मार्केट तक अक्सर जाम लगा रहता है। क्योंकि, मंदिर से पहले सड़क पर फुटपाथ दुकानदारों का कब्जा है। यहां 50 से अधिक ठेला लगाकर कपड़ा व अन्य सामग्री बेची जाती है। खरीदार भी अपने वाहन वहीं लगाकर खरीदारी करते हैं। इस वजह से पीक ऑवर में मेन रोड में जाम लगा रहता है। इसे देखते हुए उक्त स्थल पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत त्रिकोणीय पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा। यहां करीब 100 दो पहिया और चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। यहां दुकान लगाने वाले फुटपाथियों को मुख्य सड़क से हटाकर बाइलेन में खाली स्थलों पर व्यवस्थित किया जाएगा। प्रशासक ने इस प्रोजेक्ट को जल्द लागू करने का निर्देश दिया। संकट मोचन मंदिर के पास त्रिकोणीय पार्किंग बनेगा छह बार कब्जा हटाया, पर फिर से कब्जा हो गया, कार्रवाई क्यों नहीं करता निगम हाईकोर्ट के आदेश के बाद रोड वाइडनिंग की जमीन से छह बार कब्जा हटाया गया। इसके बावजूद बड़े लोगों की बिल्डिंग के सामने दुबारा कब्जा हो जाता है, लेकिन निगम कार्रवाई नहीं करता। बरियातू रोड स्थित हॉस्पिटल, मॉल व कॉमर्शियल बिल्डिंग, सर्कुलर रोड में मॉल व व्यवसायिक भवनों के सामने सड़क के लिए दान दी गई जमीन पर कब्जा है। लेकिन ऐसे भवनों को क्यों कार्रवाई नहीं होती है।


