व्यापमं में विलोपन:प्रदेश में 10 भर्ती परीक्षाओं में पूछने के बाद 60 सवाल हटाए, 15 प्रश्नों के एक से अधिक उत्तरों को मान्य किया

व्यापमं की परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं। पिछली कई परीक्षाओं में देखा जा रहा है कि पूछे गए प्रश्नों में से कई गलत पाए जाते हैं और उन्हें विलोपित कर दिया जाता है। इसके अलावा एक ही सवाल के एक से अधिक उत्तर मान्य होने के मामले भी हैं। इससे समान अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है और मेधावी अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है। व्यापमं की परीक्षाओं में गलतियां कितनी ज्यादा हो रही हैं, इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि पिछली 10 भर्ती परीक्षाओं में 60 गलत प्रश्न पूछे गए। 15 प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर को मान्य किया गया है। पिछले दिनों सहायक विकास विस्तार अधिकारी (एडीईओ) भर्ती परीक्षा के नतीजे जारी हुए। इसमें 12 प्रश्न विलोपित हुए थे। 6 के एक से अधिक उत्तर मान्य किए गए थे, जबकि फाइनल मॉडल आंसर में तीन के उत्तर में बदलाव हुआ था। इसे लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। अब व्यापमं की परीक्षाओं को लेकर दोबारा सवाल उठे हैं। शुक्रवार को आबकारी आरक्षक परीक्षा के नतीजे जारी किए गए। इसमें 6 प्रश्न विलोपित हुए और 2 के एक से अधिक आंसर मान्य किए गए। व्यापमं से 10 परीक्षाओं के रिजल्ट का एनालिसिस किया गया। पता चला कि एक दो बार नहीं बल्कि व्यापमं की लगभग सभी परीक्षाओं में कुछ न कुछ गलत सवाल पूछे जा रहे हैं। उम्र में बड़ा तो…चयन की संभावना ज्यादा एडीईओ भर्ती परीक्षा ज्यादा प्रश्नों के विलोपित होने और कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर मान्य किए जाने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई। इसकी वजह से कई अभ्यथियों का स्कोर एक जैसा हो गया, जो उम्र में बड़े थे उन्हें वरियता क्रम में ऊपर रखा गया। इनके सिलेक्ट होने की संभावना अधिक है। पीएचडी वाले बनाते हैं पर्चा व्यापमं की परीक्षाओं का पेपर छत्तीसगढ़ और बाहर दोनों जगहों के एक्सपर्ट सेट करते हैं। इसमें अधिकांश असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर रहते हैं। जो नेट, सेट या पीएचडी डिग्रीधारी है। कई बार इनसे चूक हो जाती है, इसी कारण परीक्षाओं के बाद कई प्रश्नों को विलोपित करना पड़ता है। प्रश्न विलोपित होने और एक से अधिक आंसर मान्य होने से यह पड़ा असर एडीईओ के 200 पदों पर भर्ती होगी। इस परीक्षा में 2.22 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। व्यापमं की मेरिट में 100 अंकों के पेपर में टॉपर ने 85.25 स्कोर हासिल किया। यदि 15 अंकों के अंतर का भी आकलन किया जाए, यानी जिन्हें 70 अंक मिले हैं, तो भी इस बीच में 1861 अभ्य​र्थी हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं- भास्कर एक्सपर्ट अंकित अग्रवाल, यूपीएससी, पीएससी कोचिंग के एक्सपर्ट गंभीरता से पढ़ने वालों पर असर प्रश्नों के विलोपित होने और एक से अधिक उत्तर मान्य होने से गंभीरता से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान होता है। फाइनल मेरिट में जगह बनाने में दिक्कत होती है, क्योंकि स्कोर में पॉइंट्स में अंतर आ रहा है। प्रश्नों के विलोपित होने से सभी को बोनस मिल रहा है। इसी तरह एग्जाम हॉल में मल्टीपल सही आंसर होने पर तनाव बढ़ता है, उस चक्कर में अन्य सवालों के जवाब गलत देने की संभावना बढ़ जाती है। इस प्रकार इसकी वजह से पूरे रिजल्ट पर ज्यादातर पढ़ने वालों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कोशिश यह होनी चाहिए कि प्रश्न और उत्तर पूर्णत: त्रुटि रहित रहें।

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