शंभूपुरा में सड़क हादसा:कार्गो कर्मचारी की मौत, परिवार ने मुआवजा मांगा, कंपनी पर दबाव बनाने का आरोप

चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सिंदोवरी निवासी आशीष गाडरी उर्फ बबलू (30) पुत्र खेमराज, जो कार्गो मोटर्स, अरनिया पंथ में काम करता था, अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रही एक पिकअप गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। जैसे ही आशीष सड़क पर गिरा, पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उसे कुचल दिया। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। “गिरते ही ट्रक चढ़ा, मौके पर ही मौत” हादसे के बाद आशीष के अंकल पप्पूलाल गाडरी और भाई राधेश्याम गाडरी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने 108 एम्बुलेंस की मदद से उसे श्रीसांवलिया जी हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवारजन और समाज के लोग जिला अस्पताल में जमा हो गए। वहां से सभी लोग NSUI जिलाध्यक्ष संजय राव के नेतृत्व में कार्गो मोटर्स के बाहर पहुंच गए। “50 लाख मुआवजे की मांग, कंपनी पर गंभीर आरोप” परिजन और समाजजन ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि आशीष कार्गो मोटर्स में पिछले चार साल से काम कर रहा था और कंपनी की ओर से समय पर पहुंचने का ज्यादा दबाव बनाया जाता था। इसी दबाव में वह जल्दी निकलता था, जिससे उसकी जान चली गई। लोगों ने 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की और विरोध जताते हुए देर शाम तक कंपनी के बाहर डटे रहे। हालांकि कंपनी की ओर से शाम तक कोई बातचीत नहीं की गई। “पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी, स्थिति शांत कराने की कोशिश” हंगामे की सूचना मिलते ही शंभूपुरा थानाधिकारी रामलाल और सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और पिकअप तथा ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। “दो छोटे बच्चों का सहारा छिन गया, परिवार में मातम” आशीष के दो छोटे बच्चे हैं—एक चार साल का और दूसरा सिर्फ छह महीने का। पांच साल पहले उसका विवाह भंडारिया गांव में हुआ था। परिवार के लोगों ने बताया कि आशीष ही घर का इकलौता कमाने वाला था। उसके पिता का भी देहांत हो चुका है। ऐसे में उसकी मौत से परिवार पर बड़ा संकट आ गया है। समाजजन का कहना है कि आशीष मेहनती था, लेकिन कंपनी में काम का दबाव बहुत रहता था और उसकी कोई सुनवाई नहीं होती थी। “परिवार और समाज ने न्याय की मांग की” हादसे के बाद पूरे समाज में गुस्सा है। लोग चाहते हैं कि कंपनी परिवार को उचित मुआवजा दे ताकि छोटे बच्चों और पत्नी का भविष्य सुरक्षित हो सके। परिजनों ने प्रशासन से भी न्याय दिलाने की अपील की है। लेकिन अभी तक प्रबंधक की और से कोई जवाब नहीं दिया गया।

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