शत्रुंजय तीर्थ से लौटे तपस्वी, नगर में निकला जुलूस:आगर मालवा में महाराज श्री ने बताए छठ यात्रा के आध्यात्मिक लाभ

आगर मालवा में गुजरात के पालीताणा स्थित जैन समाज के पवित्र तीर्थराज शत्रुंजय महातीर्थ की कठिन छठ यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लौटे तपस्वी युवकों का गुरुवार को नगर में वाहन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस बैंड-बाजे के साथ आयोजित किया गया। जुलूस की शुरुआत वासुपूज्य तारक धाम जैन मंदिर से वाहन रैली के रूप में हुई। इस दौरान जैन समाज के लोग बैंड-बाजे के साथ भगवान आदिनाथ के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अजीतनाथ जैन मंदिर पहुंचा और इमली गली स्थित उपाश्रय में संपन्न हुआ। उपाश्रय में साध्वी भगवंत कल्पद्रूमा श्रीजी के प्रवचन हुए। महाराज श्री ने शत्रुंजय तीर्थ की छठ यात्रा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा चोविहार उपवास के साथ पूर्ण की जाती है, जिसमें बिना कुछ खाए-पिए तपस्या की जाती है। ऐसी कठिन तपस्या से आत्मशुद्धि होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। समाज के विरम जैन ने बताया कि संकित ग्रुप द्वारा आयोजित इस चोविहार छठ यात्रा में तपस्वियों ने दो दिन तक बिना जल व आहार ग्रहण किए शाश्वत गिरिराज शत्रुंजय महातीर्थ की कुल सात यात्राएं कीं। इनमें पहले दिन पांच और दूसरे दिन दो यात्राएं शामिल थीं। इन्होंने की थी तपस्या इस वर्ष आगर मालवा से पांच युवकों ने यह कठिन तपस्या सफलतापूर्वक पूर्ण की। यह यात्रा 5 और 6 जनवरी 2026 को पालीताणा में संपन्न हुई थी। यात्रा में संयम जैन, उमंग भंडारी, आदर्श जैन, रिप्रांश भंडारी और हर्षल भंडारी शामिल थे। सभी तपस्वी 8 जनवरी को आगर मालवा वापस लौटे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाजजन उपस्थित रहे और तपस्वियों का अभिनंदन किया गया।

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