भास्कर न्यूज| चाईबासा हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी के शरियत को संविधान से बड़ा बताने पर सियासी बवाल मचा है। प्रदेश स्तर पर मंत्री हफीजुल हसन अंसारी की बर्खास्तगी को लेकर भाजपा द्वारा शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा एवं विश्व हिंदू परिषद द्वारा शनिवार को पुराना उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जिला अध्यक्ष संजू पांडे की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। भाजपा ने हफीजुल हसन अंसारी को पद से बर्खास्त करने की मांग हेमंत सोरेन से की है। बर्खास्त नहीं किए जाने की स्थिति में प्रदेश स्तर पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी हेमंत सरकार को दी है। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी और हफीजुल हसन अंसारी जैसे लोग मंत्री पद की शपथ लेने के दौरान शपथ खाकर कहते हैं कि भारत के संविधान को मानते हैं। उन्होंने कहा कि यहां रहना है तो संविधान को मानना ही पड़ेगा। धर्मनिरपेक्ष देश चलेगा तो संविधान से चलेगा। शरियत अपने समाज व धार्मिक व्यवस्था में लागू करो। उन्होंने हेमंत सोरेन से दोनों मंत्रियों को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। अन्यता जोरदार तरीके से आंदोलन की धमकी दी है। मंत्री हफीजुल हसन अंसारी के माफी मांगे जाने तक आंदोलन जारी रहेगा : पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री कहते हैं कि हम सीने में कुरान रखते हैं और हाथों में संविधान, हम उन शरियत को मानते हैं। संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा इस तरह का बयान दिया जाना लोगों के विश्वास और कानून को तोड़ने वाला बयान है। वहीं संविधान की दुहाई उनके नेता हेमंत सोरेन और राहुल गांधी देते हैं। लेकिन आज उनके ही मंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं, तो क्या हेमंत सोरेन ऐसे मंत्री के खिलाफ में कार्रवाई करेंगे, यह जनता को बताना चाहिए। जब तक सीएम हेमंत सोरेन मंत्री हफीजुल हसन अंसारी को उनके बयान के लिए माफी नहीं मंगवाते और उनको बर्खास्त नहीं करते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री गोनो जायसवाल ने कहा कि हमें भी झारखंड से मुर्शिदाबाद के मजदूरों को पीट-पीटकर भगाना चाहिए, तभी बंगाल में हिंदुओं पर हिंसा रुकेगी। धरना-प्रदर्शन को जिलाध्यक्ष संजू पांडे, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी, वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप सुल्तानिया, रामानुज शर्मा, मनोज लेयांगी, हेमंत केशरी, गीता बालमुचू तथा विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने भी धरने को संबोधित किया।


