बजट लाइव राधाकृष्ण किशोर ने वित्त मंत्री के रूप में पहली बार सोमवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। उनका बजट भाषण दोपहर 12:04 बजे से 1:4 बजे तक पूरे एक घंटे तक चला। उन्होंने अपने भाषण के शुरू में एक ओर जहां अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी आैर सोनिया गांधी के प्रति आभार जताया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी आभार जताया। भाषण के शुरुआत में ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बारे कहा- वे राज्य गठन के उद्देश्यों को पूरा करने में लगे थे, तभी सुनियोजित राजनीतिक झंझावतों से उन्हें गुजरना पड़ा। इसके बावजूद वे तनिक भी विचलित नहीं हुए। आत्मबल और विश्वास के साथ उनका सामना किया। भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव की कविता की पंक्तियां पढ़ीं। जो लड़ सका है, वो ही तो महान है, लक्ष्य अनंत है किसी की प्रताड़ना से क्यूं डरें… जब डर पता चला, तभी ताकत पता चली सीने में आग, सीने की हिम्मत पता चली शर्तों पे तेरी बिकने से इनकार कर दिया। तब जाके अपने आप की कीमत पता चली। वित्त मंत्री ने बजट अभिभाषण पीयूष मिश्रा की कविता में आंशिक परिवर्तन के साथ समर्पित किया। आरंभ है प्रचंड, बोले मस्तकों के झुंड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन-बान-शान या कि जान का हो दान आज एक धनुष के बाण पे उतार दो मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले वही तो एक सर्वशक्तिमान है, विश्व की पुकार है, ये भगवत का सार है कि युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है, कौरवों की भीड़ हो या पाण्डवों का नीड़ हो, जो लड़ सका है, वो ही तो महान है, लक्ष्य अनंत है किसी की प्रताड़ना से क्यूं डरें, ये जाके आसमान में दहाड़ दो। हम जिस गति से हैं चले, उस गति को पाएंगे, आप फूल सूंघते रहे, तो किस गति को जाएंगे। सर के जिस पर तेज हो आैर हाथ में हो धनुष-बाण, वीर उसको बोलते, जो बूढ़ा हो या जवान। रण में जाकर हो खड़ा तू, चक्रव्यूह को तोड़ दे, मौत को भी मात दे आैर दुश्मनों को मरोड़ दे। वित्त मंत्री ने विपक्ष के सदस्यों को हेमंत सोरेन की सरकार उपलब्धियों की प्रशंसा करने की सलाह दी। इसके लिए उन्होंने दुष्यंत कुमार की दो पंक्तियां भी पढ़ीं। वे मुतमइन हैं कि पत्थर पिघल नहीं सकता, हम बेकरार हैं, आवाज में असर के लिए। वित्त मंत्री ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली इंडिया गठबंधन की सरकार को मिली प्रचंड बहुमत का भी उल्लेख किया। कहा- जनता के इस भरोसे का मुख्य कारण महागठबंधन सरकार के पांच साल का काम आैर 5 साल के लिए की गई घोषणा रहीं। वित्त मंत्री ने पीयूष मिश्रा की लिखी कविता की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा- इंडिया गठबंधन की सरकार बिना रुके, बिना डिगे हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के विकास के लिए बढ़ रही है।


