सरकार की ओर से जिसक मकसद से शहरी सेवा शिविर लगाए गए उसके अनुसार काम तो नहीं हो रहे लेकिन अब आमजन को जहरीले जीवों के बारे में जानकारी दी जाने लगी है। शनिवार को अलवर नगर निगम के कार्यालय में पशुपालन विभाग के अधिकारी महिलाओं को बता रहे थे कि गोह में जहर नहीं होता है। कहीं दिख जाए तो घबराना नहीं चाहिए। काटने पर भी कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन भ्रम इतना है कि गोह के काटने पर लोग डर के कारण मर भी जाते हैं। वहीं कोबरा व अन्य सांपों को लेकर भी जानकारी दी। जिनमें जहर होता है। उनसे बचकर रहना है। सेवार शिविर में नगर निगम के आयुक्त् डॉ जितेंद्र नरूका की मौजूदगी में डॉ संजय कुमार शहर के अलग-अलग हिस्सों से आई महिलाओं को जागरूक करते हुए गोह के बारे में बता रहे थे। शिविर में महिलाएं अलग-अलग कामों के लिए पहुंची थी। किसी को पेंशन नहीं मिल रही थी। किसी के राशन कार्ड में दिक्कत थी। उसी समय अफसरों ने महिलाओं को कुर्सी दी और अधिकारियों ने उनको जहरीले जीवों के बारे में जानकारी दी। ताकि गली- मोहल्ले में गोह दिखने पर उसे मारा नहीं जाए और महिलाएं घबराएं नहीं। वहीं कोबरा जैसे जहरीले सांपों से बचकर रहने के तरीके भी बताए। केवल 80 पट्टे जारी किए शहरी सेवा शिविर के तहत अब तक नगर निगम ने केवल 80 पट्टे दिए हैं। यहां पट्टों के प्रति रुझान नहीं है। आमजन को प्रशासन शहरों के संग अभियान का समय याद है। तब हजारों की संख्या में कच्ची बस्ती, कृषि कॉलाेनियों में पट्टे दिए थे। लेकिन अब गिने चुन पट्टे ही दिए गए हैं। UIT कार्यालय में भी लगा शिविर अलवर यूआईटी कार्यालय में भी शिविर लगाया है। वहां भी पट्टों को लेकर उत्साह नजर नहीं आता है।ज्यादा संख्या में आमजन भी नजर नहीं आते हैं। यहां बिजली, सड़क, नाली जैसे कामकाज की शिकायत करने लोग पहुंचते हैं।


