शहर की 1.50 लाख आबादी की प्यास बुझाने वाला कांके डैम जलकुंभी से पटा, सप्लाई पानी में भी दुर्गंध

राजधानी की करीब 50 प्रतिशत आबादी आज भी पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति पर निर्भर है। लेकिन लोगों को साफ-स्वच्छ पानी समय पर नहीं मिल रहा है। क्योंकि, शहर को जिन डैमों का पानी पिलाया जा रहा है वह प्रदूषित हो गए हैं। सबसे खराब स्थिति शहर की करीब 1.50 लाख आबादी की प्यास बुझाने वाले कांके डैम की हो गई है। यह डैम पिछले एक माह से पूरी तरह जलकुंभी से पटा हुआ है। दूर से देखने से ऐसा लगता है कि यह डैम नहीं खेल का मैदान है। लेकिन नजदीक जाने पर डैम के किनारे खड़ा रहना भी मुश्किल है। चारों ओर फैली जलकुंभी की वजह से डैम का पानी भी दूषित हो गया है। कांके डैम से जिन घरों में जलापूर्ति होती है, उन घरों में नल से आ रहे पानी का रंग सफेद के बजाय हल्का हरा है। पानी से दुर्गंध भी आ रही है। इस वजह से अधिकतर लोग सप्लाई पानी का इस्तेमाल दैनिक कार्यों के लिए ही कर रहे हैं। कांके रोड, मोरहाबादी, अपर बाजार सहित अन्य क्षेत्र के लोगों ने पेयजल विभाग से गंदा पानी आने की शिकायत कई बार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद लोगों ने पीने के लिए पानी का जार खरीदना शुरू कर दिया है। डैम से जलकुंभी नहीं हटी और गंदे पानी का प्रवेश बंद नहीं हुआ तो होगा जोरदार आंदोलन कांके डैम संरक्षण समिति के अध्यक्ष अमृतेश पाठक ने डैम की सफाई के नाम पर की जा रही खानापूर्ति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। रविवार को समिति के सदस्यों ने करीब 2 घंटे तक श्रमदान करके डैम से जलकुंभी निकाली। पाठक ने निगम के अधिकारियों को एक सप्ताह में डैम को जलकुंभी मुक्त करने की चेतावनी दी है। इसके बाद समिति के सदस्य पर सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे। मौके पर मंटू मुंडा, रमेश वीड हार्वेस्टिंग मशीन से जलकुंभी हटाने की खानापूर्ति, कटने के बाद वहीं डंप हो रहा कचरा नगर निगम ने कांके डैम से जलकुंभी हटाने के लिए करोड़ों की लागत से खरीदे गए वीड हार्वेस्टिंग मशीन को डैम में उतारा है। पिछले कुछ दिनों से मशीन से जलकुंभी हटाई भी जा रही है, लेकिन जलकुंभी काटने के बाद उसे डैम में ही छोड़ दिया जा रहा है। इस वजह से डैम में चारों ओर जलकुंभी फैल गई है। सिर्फ डैम के किनारे फैली जलकुंभी को ही मशीन से हटाया जा रहा है। कांके डैम संरक्षण समिति के अध्यक्ष अमृतेश पाठक इन क्षेत्रों में डैम से जलापूर्ति कांके रोड, डैम साइड, सीएमपीडीआई, गांधी नगर, गोंदा टाउन, जवाहर नगर, राजभवन, मोरहाबादी, अपर बाजार, कचहरी चौक, रेडियम रोड, रातू रोड व हरमू रोड के कुछ हिस्सों में कांके डैम से जलापूर्ति होती है। पिछले कुछ माह से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान हैं। अपर बाजार के नउवा टोली निवासी राजेन्द्र कुमार ने बताया कि नल से आने वाला पानी पीने लायक नहीं है। पानी से बदबू आती है। निगम में इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

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