विभिन्न रेल मंडलों के अंतर्गत विकास कार्य चलने की वजह से दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें अप्रैल माह में रद्द रहेंगी। ट्रेनें रद्द रहने से पैसेंजरों की परेशानी बढ़ गई हैं। पहले से बुक टिकट के पैसे तो वापस मिल जाएंगे, लेकिन उन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पैंसेंजर एसोसिएशन और यात्रियों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए ट्रेन रद्द तो करना जायज है, लेकिन रेलवे को हमें विकल्प जरूर देना चाहिए। छोटानागपुर पैसेंजर एसोसिएशन ऑफ़ झारखंड के अध्यक्ष संदीप नागपाल ने कहा कि दर्जनों ट्रेन का रद्द होने से पैसेंजर्स की समस्या बढ़ गई है। रद्द किए जाने वाले ट्रेनों में पहले से यात्रियों ने टिकट बुक कराया था, अब कैंसिल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को अस्थायी रूप से रद्द ट्रेन होने की सूचना पहले मिलनी चाहिए। रेल मंडल के डीआरयूसीसी सदस्य बिनोद कुमार अग्रवाल ने कहा कि ट्रेनों को रद्द करने के बजाय उनका परिचालन वैकल्पिक मार्ग से सामान्य रखना चाहिए। ट्रेन रद्द करने की सूचना भी समय पर यात्रियों को नहीं दी जाती। जबकि, अल्प अवधि में सफर को रद्द करना या वैकल्पिक व्यवस्था करना किसी के लिए संभव नहीं होता। आकस्मिक स्थिति में यात्री सड़क मार्ग अथवा वायु मार्ग से सफर करने को विवश होते हैं, जो रेलमार्ग की तुलना में काफी महंगा है। अप्रैल के आने वाले 10 दिनों में 15 से ज्यादा ट्रेनें रद्द रहेंगी


