पंजाब सरकार की ओर से गुरुनगरी को ‘पवित्र शहर’ घोषित किए जाने के बाद अब गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए बड़ी पहल की है। यूनिवर्सिटी ने पवित्र और स्वच्छ अमृतसर शहर मिशन की शुरुआत करते हुए पांच सूत्री कार्ययोजना लागू की है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. कर्मजीत सिंह ने कहा कि यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि शहर की पवित्रता बनाए रखी जाए। इसके लिए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। बुधवार को अरदास के बाद यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट से पुतलीघर चौक तक बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के करीब 200 वॉलंटियरों के साथ टीचर, अधिकारी, कर्मचारी और स्टूडेंट्स शामिल हुए। इस दौरान दुकानदारों और स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर भी करवाए गए, ताकि वह आस-पास सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी लें। वाइस चांसलर ने बताया कि यूनिवर्सिटी “स्वच्छता दूत” तैयार करेगी, जिनमें स्टूडेंट्स और कर्मचारी शामिल होंगे। ये दूत जिला प्रशासन के साथ मिलकर गंदगी की पहचान करेंगे और तुरंत सफाई के लिए संबंधित विभागों को सूचित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान डीन अकादमिक मामले डॉ. पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. के.एस. चाहल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एचएस सैनी, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. हरकिरनदीप कौर, यूथ वेलफेयर इंचार्ज डॉ. अमनदीप सिंह आदि मौजूद थे।


