नियमित होती है शहर में फॉगिंग: प्रशांत लायक भास्कर न्यूज | गिरिडीह शहरी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। शाम होते ही मच्छरों की भरमार हो जाती है। घर-बाहर बैठना आफत हो रहा है। मलेरिया और डेंगू फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन निगम बेखबर है। शहर वासियों को मच्छरों से निजात दिलाने के लिए फॉगिंग मशीने तो खरीदी गई है लेकिन इसका उपयोग कभी कभर ही होता है। मशीन पुराना नगर निगम परिसर में धूल फांक रही है। बरसात से लेकर अब तक एक फॉगिंग मशीन का इस्तेमाल बहुत कम ही हुआ है। हालांकि, उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक ने कहा कि नियमित रूप से फॉगिंग मशीन चल रहा है। हर मोहल्ले में मशीन नियमित रूप से भेजा जा रहा है। इसकी वीडियो रिकॉिर्डंग भी है। एक मशीन नियमित रूप से चल रही है। इधर दो-तीन दिनो तक तो नियमित रूप से हुई है। निगम क्षेत्र में जनवरी से महीने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में इस मशीन का लाभ शहर वासियों को मिल सकता था। लेकिन नगर निगम खानापूरी ही कर रहा है। शहर को नहीं मिल रहीं सुविधाएं निगम के पास फॉगिंग मशीन है, पर इसका इस्तेमाल कर खर्चा नहीं बढ़ना चाहता है। क्योंकि निगम का मानना है कि इसे चलाने में काफी खर्च आता है। नतीजतन मच्छरों का प्रकोप शहर वासी झेलने को विवश हैं और लोग संक्रामक बीमारी का शिकार हो रहे हैं। गिरिडीह शहरी क्षेत्र नगर पर्षद से नगर निगम बन गया। निगम बनने के बाद टैक्स भी बढ़ गया। लेकिन सुविधाएं निगम वाली नहीं मिली। आलम यह है कि शहर को पहले वाली भी वह सुविधाएं मयस्सर नहीं हो पा रही जो नगर पर्षद के वक्त मिलती थी। पूरी बरसात निकल गई, लोगों ने मच्छरों का प्रकोप झेला लेकिन निगम से फॉगिंग मशीन कभी नियमित नहीं रहा।


