शहर व ग्रामीण इलाके में बने कई पुल की रेलिंग टूटी, हादसे का डर

राजा राय| चाईबासा चाईबासा नगर परिषद, पंचायतों, स्टेट हाइवे व राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नाले व पुल के दोनों तरफ बने अवरोधक, गार्डवाल व रेलिंग कई जगह टूट चुकी है। कमोबेश इस तरह का दृश्य शहरों के मुख्य सड़क के साथ-साथ गलियों व ग्रामीण क्षेत्र में भी देखने को मिलता है। इस प्रकार पुल-पुलिया लोगों के लिए खतरनाक एवं हादसे को आमंत्रित कर रही हैं। चाईबासा शहरी इलाके में रोरो नदी पर बना पुराना पुल, आमला टोला राणी सती मंदिर के पास, आमला-टोला जेएमपी मुख्य मार्ग पर, जोड़ा तालाब मेरी टोला मार्ग, बिरसा मुंडा स्टेडियम के पास, गाड़ीखाना गुरुद्वारा मार्ग, जिला स्कूल मार्ग लकड़ी टाल के पास, एन एच-75 ई. बड़ी बाजार के पास आदि ऐसे दर्जनों स्पॉट हैं, जो राहगीरों के लिए कभी भी काल बन सकता है। दरअसल, कई पुल के दोनों तरफ सीमेंट, गिट्टी, बालू व पत्थरों से बनी रेलिंग लगी हुई थी, जो टूट चुकी है। इससे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। रात के समय मार्ग पर स्थित बिजली के खंभो में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। अंधकार के समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। शहर भर में दर्जन ऑन जगह नाला और पुल के ऊपरी भाग में गार्डवाल टूट चुका है या गायब हो गया है। संबंधित जिम्मेदार लोगों को ध्यान देना चाहिए। कई बार पुलिया से नीचे गिरने की घटना हो चुकी है। इसलिए अविलंब इस पर कार्य होना चाहिए। जमादार तियु, राहगीर। केस स्टडी-1 : आमला टोला राणी सती मंदिर के पास आमला टोला मुख्य मार्ग पर राणी सती मंदिर के पास रेलिंग पूरी तरह से गायब हो चुकी है। पूर्व दिशा में पुल के दोनों तरफ रोड पर भी कटाव हो रहा है। इस कारण वाहन चालकों की जरा सी असावधानी उन पर भारी पड़ सकती है। पुलिया की गहराई करीब 10 से 15 फीट है। रात्रि के समय अंधकार एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरनाक है। जेएमपी चौक और बांध पाड़ा दोनों ही रेलवे गेट बंद हो जाने के कारण पूर्व की तुलना में इस मार्ग पर ट्रैफिक काफी बढ़ गया है। दिनभर वाहनों का परिचालन होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार दुर्घटना घट चुकी है। केस स्टडी- 2 : जोड़ा तालाब गाड़ीखाना-मेरी टोला मुख्य पर बने पुल का गार्डवाल टूट कर क्षतिग्रस्त हो चुका है। गार्डवाल का आधा हिस्सा पूरी तरह से गायब हो चुका है। यह एक व्यस्ततम मार्ग है। इस मार्ग से कई मोहल्ले जुड़े हुए हैं। बस स्टैंड से होकर सवारी गाडिय़ां भी इसी रास्ते से आती-जाती हैं। आसपास की कॉलोनियों के लोग इसे दुरुस्त करवाने के लिए शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसी के अफसर पुलिया मरम्मती की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहें है। केस स्टडी- 3 : गुरुद्वारा नानक दरबार मुख्य मार्ग पर स्थित स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है। इससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। जबकि इस मार्ग पर आम राहगीर, ट्रैन पैसेंजर एवं आस पास के मोहल्ला वासियों का आना-जाना लगा रहता है। अधिकारियों को इस क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए।

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