शहर-समाज की सेवा में 21 साल बिताए, अभी कंबल-स्वेटर बांट रहे

भास्कर न्यूज| महासमुंद “सेवा परमो धर्म:” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए श्री बालाजी कृष्ण गोपाल सेवा समिति महासमुंद ने मानवता की मिसाल पेश की है। बीते 21 साल से निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटी है। तन मन धन से समिति सेवा कार्य में अनवरत लगा हुआ है। इस समिति ने शनिवार को नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कड़कड़ाती ठंड से जूझ रहे निशक्तजनों को कंबल और स्वेटर वितरित कर उन्हें राहत पहुंचाई। समिति का गठन साल 2005 में किया गया था। तब से लेकर आज तक यह संगठन स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। समिति केवल कपड़ा वितरण ही नहीं, बल्कि निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, जरूरतमंदों को भोजन वितरण, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और पौधरोपण, आपातकाल में रक्तदान जैसे प्रकल्पों का संचालन कर रही है। समिति के सचिव धमेंद्र डडसेना ने बताया कि समिति का लक्ष्य केवल सहायता करना नहीं, बल्कि समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को यह अहसास कराना है कि वह अकेला नहीं है। 2005 से शुरू हुआ यह सफर अब हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही समिति के सदस्यों ने नगर का भ्रमण कर वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान की। इसके बाद नयापारा, पिटियाझर, मलेरिया ऑफिस क्षेत्र और ग्राम खैरा में 50 कंबल और 20 स्वेटर का वितरण किया गया। गर्म कपड़े पाकर निशक्तजनों के चेहरों पर सुकून भरी मुस्कान तैर गई। इस सेवा कार्य में समिति के सदस्य जैनेन्द्र चन्द्राकर, चंद्रशेखर साहू, महेश चन्द्राकर और भुपेंद्र राठौर सहित अन्य मौजूद थे। समिति के द्वारा नगर के भलेसर रोड स्थित समरसता भवन में निशुल्क लाइब्रेरी संचालित की जा रही है। इसमें नगरवासियों के पढ़ने के लिए को निशुल्क किताबें उपलब्ध है। धार्मिक और भारत की इतिहास को बताती, देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी सभी प्रकार की लगभग हजार से अधिक किताबें उपलब्ध है। समिति की सबसे बड़ी ताकत इसके युवा सदस्य हैं, जो रक्तदान समिति के माध्यम से बीते 4 वर्षों से एक अद्भुत उपक्रम चला रहे हैं। समिति ने अब तक 1400 यूनिट से अधिक रक्तदान कर जिले के सैकड़ों गंभीर मरीजों को नया जीवनदान दिया है। युवाओं का यह जज्बा महासमुंद के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।

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