भरतपुर आयुर्वेद कॉलेज के स्टूडेंट लगातार कॉलेज बिल्डिंग शिफ्टिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज सभी स्टूडेंट्स ने ADM सिटी घनश्याम शर्मा को ज्ञापन दिया। गुरुवार को स्टूडेंट्स जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर से मिले थे, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। स्टूडेंट्स के अनुसार- पहले आयुर्वेद कॉलेज मथुरा- भरतपुर बाइपास पर एक छात्रावास में चल रहा था। पर अब अचानक से कॉलेज को तुहिया गांव के पास खेतों के बीच एक जंगल में शिफ्ट कर दिया गया है। स्टूडेंट विवेक कालरा ने बताया- गुरुवार को कलेक्टर से मिलकर कॉलेज शिफ्टिंग के विरोध में एक ज्ञापन दिया गया था। हमारे आयुर्वेद कॉलेज की स्थायी बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज के सामने बनाई जा रही है। उसका निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। इसलिए हमारा कॉलेज मथुरा बाइपास रोड़ पर एक छात्रावास में चल रहा था। अब अचानक बिल्डिंग को शिफ्ट करके ग्रामीण क्षेत्र तुहिया में पहुंचा दिया गया है। वहां कोई बेसिक फेसिलिटी नहीं है। आयुर्वेद कॉलेज में पढ़ाई के लिए पूरे देश से स्टूडेंट आते हैं। तुहिया से आने जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही कोई रहने की भी व्यवस्था नहीं है। हमारी मांग है कि तुहिया से बिल्डिंग हटाकर भरतपुर के शहरी क्षेत्र में हमारी क्लासेज चलाई जाए। कई बार प्रिंसिपल को एप्लिकेशन दी गई। लेकिन उन्होंने बहुत ही बुरी तरीके से व्यवहार किया। उन्होंने हमसे कहा कि चाहे DM के पास जाओ या PM के पास जाओ, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। जब हमारी वहां सुनवाई नहीं हुई, तो अब हम प्रशासन के पास आये हैं। ग्रामीण इलाके में कॉलेज चलाने के पीछे क्या स्वार्थ है, इसकी जानकारी प्रिंसिपल को ही पता है।


