शहीद भगत सिंह की किताब पढ़ रहा था वकील:मुत्युंजय ने ‘भगत सिंह की जेल डायरी’ पढ़कर फांसी के लिए जुटाई थी हिम्मत

ग्वालियर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने फांसी जैसा आत्मघाती कदम उठाने से पहले कई बार सोचा होगा। मृतक के रूम से पुलिस ने शहीद क्रांतिकारी भगत सिंह की एक किताब भी बरामद की है। ‘भगत सिंह की जेल डायरी’ नामक इस किताब को आखिरी समय में वकील पढ़ रहा था। इसमें वह उसी पेज पर था जहां भगत सिंह ने लिखा है कि आजादी क्या है, मुक्ति क्या है… और इन अनमोल चीजों को बेरहम तथा बेदर्द लोगों से कैसे छीना जा सकता है। इस अंक में सरदार भगत सिंह ने अपने फांसी उससे पहले के पल को बयां किया था। ऐसी आशंका है कि वकील ने फांसी लगाने का मन बना लिया था और मौत से पहले यह किताब पढ़ी होगी, क्योंकि यह बुक बेड पर जहां वह सोता था वह सिरहाने रखी मिली है। ‘भगत सिंह की जेल डायरी’ में क्या लिखा
लाहौर (पंजाब) सेंट्रल जेल में आखिरी बार कैदी रहने के दौरान (1929-1931) भगतसिंह ने आजादी, इंसाफ, खुद्दारी और इज्जत के संबंध में महान दार्शनिकों, विचारकों, लेखकों तथा नेताओं के विचारों को खूब पढ़ा व आत्मसात किया। उन्होंने जेल में जो टिप्पणियां लिखीं, यह जेल डायरी उन्हीं का संकलन है। भगत सिंह ने यह सब भारतीयों को यह बताने के लिए लिखा कि आजादी क्या है, मुक्ति क्या है और इन अनमोल चीजों को बेरहम तथा बेदर्द अंग्रेजों से कैसे छीना जा सकता है, जिन्होंने भारतवासियों को बदहाल और मजलूम बना दिया था। इसमें फांसी के लिए तैयार होने, हिम्मत जुटाने और मजबूत इरादे का जिक्र है।
भगतसिंह की फांसी के बाद यह जेल डायरी भगतसिंह की अन्य वस्तुओं के साथ उनके पिता सरदार किशन सिंह को सौंपी गई थी। सरदार किशन सिंह की मृत्यु के बाद यह नोटबुक (भगतसिंह के अन्य दस्तावेजों के साथ) उनके (सरदार किशन सिंह) पुत्र कुलबीर सिंह और उनकी मृत्यु के पश्चात् उनके पुत्र बाबर सिंह के पास आ गई। पहली बार कोई शव लेकर सेंट्रल जेल पहुंचा
मुरैना में प्रेमिका (सब इंस्पेक्टर) से मिले धोखे के बाद हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। घटना सोमवार (15 दिसंबर) को आदर्शपुरम गोला का मंदिर की थी। मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से वकील के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजन के सुपुर्द किया गया है। परिजन शव को लेकर सबसे पहले ग्वालियर सेन्ट्रल जेल पहुंचे हैं, यहां मृतक के बड़े भाई प्रणव सिंह चौहान ने उसके पार्थिव देह के दर्शन किए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई परिवार शव लेकर सेन्ट्रल जेल पहुंच गया हो।
वाराणसी के गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
ऐसा पता लगा है कि ग्वालियर से परिजन पुलिस को यह कहते हुए शव ले गए थे कि वह बनारस (वाराणसी) में गंगा घाट पर उसका अंतिम संस्कार करेंगे। मंगलवार शाम को पांच बजे परिवार शव लेकर बनारस के लिए रवाना हुआ था। बुधवार सुबह वहां पर पूरे विधि विधान से पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया है। वड़ोदरा से ग्वालियर आया पिता
मृत्युंजय की मौत की खबर मिलते ही उसके पिता कुलदीप सिंह चौहान मंगलवार को वडोदरा गुजराज से ग्वालियर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने बेटे को शव को देखा है। यहां बता दें कि लंबे समय से वकील मृत्युंजय व उसकी मां और भाई प्रणव अपने पिता से अलग रह रहे थे। सोमवार को भी घटना के बाद वकील की मां ने बताया था कि पति से उनका कोई लेना देना नहीं है।
ऐसे समझिए पूरा मामला
ग्वालियर में गोला का मंदिर आदर्शपुरम में एक वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने सोमवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। ऐसा बताया गया है कि वह 30 दिसंबर को मुरैना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर से लव मैरिज करने वाला था। शुक्रवार (12 दिसंबर) को वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए उसके मुरैना कोतवाली स्थित शासकीय क्वार्टर में पहुंचा था। वैसे वह हर शनिवार और रविवार उससे मिलने जाता था, लेकिन इस बार मृत्युंजय शुक्रवार को उसे सरप्राइज देने पहुंच गया। जब वह पहुंचा तो वहां वहां प्रेमिका अपने कमरे में एक आरक्षक के साथ थी। वकील का उससे विवाद हो गया। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई।
5 साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
वकील की मां शिवकुमारी ने बताया कि बेटे का पिछले पांच साल से मुरैना में पदस्थ एक एसआई प्रीति के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शुक्रवार को उसने अपनी प्रेमिका को किसी अन्य आरक्षक के साथ कमरे में देख लिया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद भी हुआ था, जिसके बाद से वह अवसाद में था। मृत्युंजय की मां ने बताया कि बेटा, जल्द (30 दिसंबर) को अपनी प्रेमिका से कोर्ट मैरिज करने वाला था।
मां बोली-शिकायत न सुनने से था आहत मृत्युंजय ने प्रेमिका के घर हुई मारपीट की शिकायत थाने में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब उसने घर आकर अपनी मां को कॉल किया और रोते हुए सारी बात बताई। मां के समझाने के बावजूद भी वह इस कदर टूट चुका था कि उसने फांसी लगा ली। पुलिस को वकील के रूम से एक आवेदन लिखा मिला है जो उसने मुरैना के सिविल लाइन थाना को प्रेषित कर लिखा था, लेकिन उसकी प्रेमिका का क्वार्टर कोतवाली मुरैना में आता था।
जिस कारण उसकी शिकायत नहीं ली गई होगी। ऐसा भी पता लगा है कि प्रेमिका के शासकीय आवास में घुसकर तोड़फोड़ करने व मारपीट करने पर उस पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
गोला का मंदिर थाना प्रभारी हरेन्द्र शर्मा ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… पुलिसकर्मी प्रेमिका से शादी के 15 दिन पहले लगाई फांसी ग्वालियर में सोमवार को एक वकील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 30 दिसंबर को उसकी शादी मुरैना में पदस्थ एक महिला सब-इंस्पेक्टर से होने वाली थी। वह उससे मिलने गया था, जहां उसने प्रेमिका को अपने कमरे में एक अन्य आरक्षक के साथ देखा। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और हाथापाई भी हुई। पूरी खबर पढ़ें

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